संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। गणेश चतुर्थी 27 अगस्त को है। ऐसे में इस पर्व को लेकर कुछ ही दिन शेष रह गए हैं। वहीं गणेश उत्सव को लेकर शहर में अभी से धूम मचने लगी हैं। श्रद्धालुओं को बेसब्री से इस पर्व का इंतजार है। उधर, गणेश उत्सव की तैयारियों को लेकर शहरवासियों से लेकर कारीगरों में उत्साह हैं।
कारीगर आयुष कश्यप, रव्या, जेठालाल, श्रवण आदि ने बताया कि सेक्टर-17 के शनि मंदिर समीप कई सालों से मूर्ति बनाने का काम कर रहे हैं। गणेश उत्सव के लिए मूर्तियां बनाने का काम जोरों पर है, करीब 50 कारीगर अलग-अलग स्थानों पर मूर्ति बनाने का काम कर रहे हैं। कारीगर विभिन्न आकारों और डिजाइनों में मूर्तियां तैयार कर रहे हैं, और बाजार में भी रौनक है।
कारीगर गणेश की मूर्तियां बनाने में व्यस्त हैं। ऐसे में मिट्टी, प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी), और अन्य सामग्रियों से मूर्तियां बनाई जा रही हैं। पीओपी से बनी मूर्तियां हालांकि पानी को दूषित करती हैं, मगर लोगों की मांग के अनुसार मूर्तियां तैयार की जा रही हैं। कारीगरों का कहना है कि वे विभिन्न आकारों और डिजाइनों में मूर्तियां बना रहे हैं जिनकी कीमत 151 रुपये से लेकर 15,000 रुपये या उससे अधिक तक की है।
कुछ कारीगर पर्यावरण अनुकूल मूर्तियां भी बना रहे हैं, जो मिट्टी से बनी हैं और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाती हैं। गणेश चतुर्थी के लिए मूर्तियों की मांग पूरे जिले से आ रही है ऐसे में कारीगरों को लोगों की मांग पूरी करने के लिए दिन रात काम करना पड़ रहा है। कारीगरों ने कहा कि रोजाना 40 से 50 लोग विभिन्न प्रकार की मूर्ति बनाने का ऑर्डर दे रहे हैं।