संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्लाईवुड फैक्टरी में काम करते समय एक 35 वर्षीय युवक की मौत हो गई। परिजनों ने फैक्टरी संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए करंट लगने से मौत होने का आरोप लगाकर पोस्टमार्टम हाउस के बाहर हंगामा कर दिया। पुलिस उचित कार्रवाई का भरोसा देकर परिजनों का शांत कराया।
मृतक की पहचान बिहार के गया जिले के रहने वाले 35 वर्षीय अमित के रूप में हुई है। अमित चार बच्चों का पिता था और पिछले करीब आठ वर्षों से जोड़ियों गुरुद्वारे के पास स्थित एक प्लाइवुड फैक्टरी में काम कर रहा था। वह वर्तमान में नवाब कॉलोनी में किराये के मकान में रहकर परिवार का पालन-पोषण कर रहा था।
मृतक के रिश्तेदार सुनील ने बताया कि अमित उसके साथ फैक्टरी में सिलाई मशीन पर काम करता था। सोमवार की शाम फैक्टरी में एक मशीन खराब हो गई थी, जिसे तीन-चार मजदूरों ने मिलकर ठीक किया। मशीन ठीक होने के बाद जब सभी अपने-अपने काम पर लौटे तो अमित दिखाई नहीं दिया। तलाश करने पर वह फैक्टरी परिसर में एक मशीन के पास जमीन पर पड़ा मिला।
साथी मजदूर उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सुनील का आरोप है कि फैक्टरी में करंट फैलने के कारण अमित की मौत हुई। मृतक के रिश्तेदारों ने सरकार और प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक मुआवजा देने की मांग की है।
सुनील ने बताया कि अमित अपने परिवार का एकमात्र सहारा था और उसके चार छोटे बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि फैक्टरी संचालक रुपये देकर मामले को दबाने का प्रयास कर रहा है। मामले के जांच अधिकारी लाभ सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अमित गले में गमछा डालकर ग्रेडर मशीन के पास काम कर रहा था। इसी दौरान उसका गमछा मशीन में फंस गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
मशीनों के शोर में बुझ गया चार बच्चों का सहारा
प्लाईवुड फैक्टरी में हुई घटना ने एक हंसते-खेलते परिवार की दुनिया उजाड़ दी। बिहार के गया जिले का अमित आठ साल से फैक्टरी में काम कर रहा अमित हर महीने की कमाई से अपने चार बच्चों का भविष्य संवारने का सपना देखता था। सोमवार की शाम फैक्टरी में काम करते हुए अचानक सब कुछ थम गया। मशीनें चलती रहीं, लेकिन अमित की सांसें रुक गईं। किसी ने कहा करंट लगा, किसी ने कहा मशीन में गमछा फंस गया। नवाब कॉलोनी के छोटे से कमरे में रहने वाला यह परिवार आज गहरे सदमे में है। मां की सूनी आंखें और बच्चों के सवाल हर किसी को झकझोर रहे हैं। अब परिवार को सिर्फ न्याय और मुआवजे की आस है।
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद मृतक अमित के परिजन। संवाद