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युवक की मौत से गुस्साए परिजनों का हंगामा

Sat, 05 Oct 2013 12:46 AM IST
यमुनानगर।
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कस्बा रादौर के बस स्टैंड स्थित एक फास्ट फूड की दुकान में काम करने वाले एक युवक का शव वीरवार रात बस स्टैंड के पास से पड़ा मिला। मृतक के परिजनों का आरोप है कि युवक की फास्ट फूड के दुकान मालिकों ने पीट-पीटकर हत्या की है, वहीं मृतक की जेब से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।
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इसमें मृतक ने अपनी मौत के लिए फास्ट फूड के मालिक नीरज कुमार निवासी मंसुरपुर, सुखदेव व जसविंद्र निवासी अमलोहा को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस ने मृतक की पत्नी पम्मी की शिकायत पर तीनों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। युवक  की मौत से गुस्साए कस्बा रादौर के सैकड़ों लोगों ने हमलावरों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग को लेकर नारेबाजी की।

इसके बाद पुलिस ने बढ़ते दबाव को देखते हुए तीनों युवकों को गिरफ्तार किया। कस्बा रादौर की शिव कॉलोनी निवासी पम्मी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसका पति भरतुराम सैनी रादौर बस स्टैंड स्थित एक फास्ट फूड की दुकान पर कारीगर के तौर पर काम करता था, लेकिन पिछले छह महीने से फास्ट फूड के मालिक नीरज, सुखदेव और जसविंद्र ने उसके पति का वेतन नहीं दिया था। इसे लेकर उसका पति परेशान था।
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वीरवार को वेतन की मांग को लेकर जब उसके पति भरतुराम ने फास्ट फू ड के मालिकों के समक्ष अपना विरोध जताया तो फास्ट फूड के मालिकों ने उसे कमरे में बंद करके उसकी खूब पिटाई की। इससे उसका पति बुरी तरह घायल हो गया। दोपहर को उसका पति घर आया और उसके साथ की गई मारपीट की बात घर के लोगों को बताई। शाम को उसका पति फास्ट फूड के मालिकों से अपना वेतन लेने एक बार फिर गया, लेकिन वेतन देने के बजाय नीरज, सुखदेव व जसविंद्र ने मिलकर उसे बुरी तरह पीटा और उसकी पिटाई कर उसे बस स्टैंड के पास फेंक दिया। देर रात तक घर नहीं लौटने पर वह उसकी तलाश में निकले। रात को किसी ने उन्हें सूचना दी कि उसका पति बस स्टैंड के पास पड़ा हुआ हैं। इसके बाद वह अपने पड़ोस के लोगों के साथ मौके पर पहुंची तो उसका पति बुरी तरह से घायल हुआ पड़ा था। जिसे वह रादौर के सिविल अस्पताल ले गये। लेकिन कुछ देर बाद अस्पताल में उसके पति की मृत्यु हो गई। मृतक भरतुराम सैनी की पत्नी ने पति की मौत के लिये नीरज, सुखदेव व जसविंद्र को जिम्मेदार ठहराया है।
सुसाइड नोट नहीं वारदात लिखी
मृतक के साले कुलदीप और अन्य परिजनाें का कहना कि मृतक के पास से मिले कागज के टुकड़े को पुलिस सूसाइड नोट समझ रही है, लेकिन वह सुसाइड नोट नहीं है। इस कागज के टुकड़े में भरतुराम ने वारदात को लिखने का प्रयास किया है। इसमें उसने आरोपियों द्वारा उसका वेतन नहीं देने पर उसके साथ मारपीट कर बस स्टेंड के पास फेंकने की बात कही है।  
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