यमुनानगर। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग द्वारा धान की पारंपरिक रोपाई की जगह अब सीधी बिजाई (डीएसआर) तकनीक को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी कड़ी में उप कृषि निदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास के मार्गदर्शन में सहायक कृषि अभियंता विनीत कुमार जैन ने छछरौली के मलिकपुर खादर और हड़ौली में डीएसआर मशीन से की जा रही धान की सीधी बिजाई का निरीक्षण किया।
गांव हड़ौली में किसान हरकोमल, अशोक गोयल, प्रभजोत सिंह तथा मलिकपुर खादर के सौरभ शर्मा और प्रभजोत द्वारा लगभग 16 एकड़ भूमि में धान की सीधी बिजाई की गई है। किसानों ने बताया कि वे पिछले कुछ वर्षों से इसी तकनीक को अपना रहे हैं, जिससे पानी, श्रम और खाद पर होने वाले खर्च में उल्लेखनीय कमी आई है, जबकि पैदावार में कोई खास अंतर नहीं पड़ा है।
किसानों ने यह भी कहा कि पॉपुलर के खेतों में धान की सीधी बिजाई करने से अतिरिक्त लाभ प्राप्त हो रहा है। सहायक कृषि अभियंता विनीत जैन ने बताया कि पारंपरिक विधि में किसान धान की पौध तैयार कर रोपाई करते हैं, जिसमें अधिक पानी, श्रम और समय की आवश्यकता होती है। तापमान अधिक होने के कारण वाष्पीकरण बढ़ने से पानी की खपत भी काफी बढ़ जाती है।