हरियाणा टूरिज्म विभाग में लगे कर्मचारियों के प्रदर्शन को कई विभागों के कर्मचारी संगठनों ने समर्थन दिया। पंचकूला में चल रहे जोन स्तरीय धरना प्रदर्शन के लिए वीरवार को बड़ी संख्या में कर्मचारी रवाना हुए। इसके लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारी सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले बस अड्डे पर एकत्र हुए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एसकेएस जिला प्रधान महिपाल सौढे ने की। जबकि संचालन जिला सचिव गुलशन भारद्वाज ने किया। इस दौरान एसकेएस राज्य सह सचिव मांगे राम तिगरा, बिजली निगम से यूनिट सचिव पवन हांडा, ऑडिटर राजेश के नेतृत्व में कर्मचारी पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार ने हरियाणा टूरिज्म के कर्मचारियों के वेतन के सेंट्रलाइजेशन की मांग पर आश्वासन दिया गया था। सरकार ने कहा था कि मुख्यालय और फील्ड के कर्मचारियों को एक साथ वेतन देने का प्रावधान किया जाएगा। सभी श्रेणियों के खाली पदों को पदोन्नति से भरा जाएगा। जिनकी पदोन्नति नहीं हुई है उनके लिए समाधान निकाला जाएगा। कैशलेस मेडिकल सुविधा देने, सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार निगम कर्मचारियों को भी मकान किराया भत्ता लागू किया जाएगा। जिन अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ गबन व भ्रष्टाचार की शिकायतें हैं उनके खिलाफ उच्चस्तरीय जांच करवा कर ठोस कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने अभी तक इन मांगों पर कोई कदम नहीं उठाया है। जिसके चलते हरियाणा टूरिज्म कर्मचारी संघ ने जोनल धरना का नोटिस देकर टूरिज्म प्रशासन से फिर से अपील की। लेकिन कोई सुनवाई न होने पर 23 सितंबर को गुड़गांव में पहला धरना दिया गया था। इसके बाद लगातार अरावली गोल्फ क्लब फरीदाबाद, फ्लेमिंगो हिसार, राई सोनीपत, तिलियार रोहतक, ओएसिस करनाल और 2 नवंबर को मैगपाई फरीदाबाद में धरने हो चुके हैं। इसके बाद भी पर्यटन प्रशासन ने इन मांगों का समाधान नहीं किया है। नेताओं ने कहा कि पंचकूला में धरना कर कर्मचारी सरकार पर उनसे बात करने का दबाव बनाएंगे। इस दौरान नगरपालिका से चेयरमैन राजकुमार धारीवाल, राजकुमार ससोली, स्वास्थ्य विभाग से जिला प्रधान सुमित ऋषि, कोषाध्यक्ष नरवेश शर्मा, नितिन शर्मा, रोडवेज यूनियन उपप्रधान मुकेश, सह सचिव भूषण कांबोज, पीडब्ल्यूडी बीएंडआर शाखा प्रधान राजबीर परमा, पब्लिक हेल्थ से शाखा सचिव सुरेंद्र सहित अन्य पदाधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।