यमुनानगर। जिले में कोई सड़क हादसा हो जाए और आपको मदद के लिए एंबुलेंस की जरूरत पड़ जाए। डायल 108 का नंबर यदि यमुनानगर के कंट्रोल रूम की बजाय 280 किलोमीटर दूर रेवाड़ी में मिल जाए तो यह न केवल अचंभित करने वाला है बल्कि समय पर उपचार न मिलने से इससे जान जोखिम का खतरा भी हो सकता है। जिले में आजकल ऐसा ही हो रहा है। लोग आपात सेवाओं के लिए लोग 108 नंबर डायल करते हैं तो वह रेवाड़ी के कंट्रोल रूम में मिलता है। रेवाड़ी में केवल यमुनानगर से ही नहीं बल्कि नारनौल, झज्जर के अलावा राजस्थान से भी फोन मदद के लिए फोन आ रहे हैं। परंतु इनमें सबसे ज्यादा मदद मांगने वालों में यमुनानगर के लोग हैं।
हादसा चाहे खुद के साथ हो या फिर किसी दूसरे के साथ। लोग मदद के लिए तुरंत एंबुलेंस बुलाने के लिए 108 नंबर डायल करते हैं। एंबुलेंस जितनी जल्दी पहुंचेगी उतना ही घायल या जरूरतमंद के लिए लाभकारी होता है। समय पर यदि उपचार नहीं मिले तो जान भी जा सकती है। जिले के लोग जब 108 नंबर डायल करते हैं तो वह कई बार रेवाड़ी कंट्रोल रूम में मिलता है। रेवाड़ी कंट्रोल रूम में तैनात कर्मचारी फोन करने वाले को यमुनानगर का कोड नंबर या फिर विभाग द्वारा दिए गए सीयूजी नंबर देकर डायल करने को कहते हैं। जिसमें काफी समय व्यर्थ चला जाता है। कई बार ऐसा भी होता है कि रात का समय होता है और नंबर नोट करने के लिए न तो जेब में कलम होती है और न ही दूसरा मोबाइल। हो सकता है कि समय पर उपचार न मिलने से किसी की जान भी चली गई हो। यमुनानगर एंबुलेंस सेवाओं के फ्लीट मैनेजर इसे गंभीरता से नहीं ले रहे। रेवाड़ी के मैनेजर की तरफ से इस बारे में कई बार अवगत कराया जा चुका है। फिर भी इस तकनीकी खामी को दूर नहीं कराया गया।
रोजाना 10 से 15 फोन आते हैं : योगेश कुमार
रेवाड़ी एंबुलेंस सेवाओं के फ्लीट मैनेजर योगेश कुमार का कहना है कि वैसे तो कई जिलों से एंबुलेंस के लिए फोन आ जाते हैं, परंतु इनमें यमुनानगर से सबसे ज्यादा मदद मांगने वाले होते हैं। कई माह से रोजाना 10 से 15 फोन रेवाड़ी में यमुनानगर से आते हैं। यहां से उन्हें दूसरे यमुनानगर का नंबर बताया जाता है। इस बारे में यमुनानगर के फ्लीट मैनेजर को बताया गया है कि यह टेलीफोन एक्सचेंज में तकनीकी खामी की वजह से हो रहा है। जिसे वह ठीक करवा लें। फोन आने का सिलसिला अब तक जारी है।
मेरे संज्ञान में मामला पहली बार आया : मंजीत सिंह
यमुनानगर के सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि 108 नंबर रेवाड़ी में मिल रहा है यह मामला मेरे संज्ञान में पहली बार आया है। इसकी वजह क्या है, इसका पता कर जल्द ठीक कराया जाएगा।