फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Yamuna Nagar News: स्कूल की छत को छू रही बिजली की तार, खतरे के साये में पढ़ रहे बच्चे

Sat, 04 Oct 2025 11:25 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
विज्ञापन
जोगीवाड़ा के राजकीय स्कूल में छत से होकर गुजरती बिजली की तारें। संवाद
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

जगाधरी। गांव जोगीवाड़ा के शहीद बलविंद्र सिंह राजकीय प्राथमिक पाठशाला में बच्चे खतरे के साये में पढ़ने को मजबूर हैं। बिजली के तार स्कूल के कमरों की छत को छू रहे हैं। इससे दीवारों में करंट आता है। ऐसे में बच्चे स्कूल आने से भी डरते हैं। हादसे की संभावना के कारण ग्रामीणों ने इन बिजली की तार की सप्लाई काट दी है। पहले यह लाइन ऊंची थी, लेकिन बारिश के दौरान तार पर पेड़ गिर गया था, जिससे अब तारें स्कूल की छत को छू रही हैं, जिससे दीवारों में करंट आने लगा था। इसके बाद इन तारों की सप्लाई काट दी गई है।
बिजली की तारे हटाने को लेकर स्कूल व विभाग की ओर से कई बार बिजली निगम को पत्र लिखा गया है। वहीं, स्कूल स्टाफ सदस्य अधिकारियों से भी मिले, लेकिन आश्वासन के बाद बिजली निगम ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की। बिजली की तार से हर समय बच्चे व शिक्षक डर के साये में रहते हैं। कुछ समय पहले जब दीवारों में करंट आने का पता चला मुख्याध्यापक प्रदीप कुमार ने तो ट्रांसफार्मर से इसकी सप्लाई कटवा दी। स्कूल के अलावा ग्रामीण भी इसे लेकर बिजली निगम से गुहार लगा चुके हैं पर सुनवाई नहीं हुई। वहीं, सप्लाई कटने के कारण ग्रामीणों को परेशानी होने लगी है।
विज्ञापन

ग्रामीण गुरदास सिंह, राजकुमार ने बताया कि बारिश के दौरान तार पर पेड़ गिर गया, इससे वजन पड़ने पर तारे नीचे हो गईं। अब यह तारे स्कूल की छत को छू रही हैं और दीवार में करंट आ रहा है। ऐसे में इसकी सप्लाई काट दी गई। इसके बारे बिजली निगम को शिकायत दी, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया। इन तार से खेत के ट्रांसफार्मर में सप्लाई दी जा रही है। बारिश में बिजली की आवश्यकता नहीं थी, जिसके चलते तीन-चार महीने इसी तरह काम चल गया। वहीं, अब कटाई के बाद बिजली की आवश्यकता होगी, यदि बिजली सप्लाई बहाल होती है तो स्कूल की दीवारों में करंट फैल जाएगा।
उन्होंने बताया कि काफी समय से ट्रांसफार्मर पर से लाइन कटी हुई हैं। इसके लिए उन्होंने बिजली विभाग व शिक्षा विभाग को लेटर भी लिखे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई हुई। उन्होंने कहा कि अब धान कटाई के बाद खेतों में सिंचाई के लिए पानी की जरूरत पड़ेगी, जिसके बिजली लाइन शुरू करनी पड़ेगी। छत को छू रही तार से स्कूल की दीवारों में करंट आएगा। अभिभावकों ने कहा कि उन्हें बच्चों को स्कूल भेजने में डर लगता है। स्कूल के मुख्याध्यापक प्रदीप कुमार ने बताया कि इसके वे चार बार शिकायत दे चुके हैं। बिजली निगम अधिकारियों से भी मिल चुके हैं, लेकिन आश्वासन के बाद इसमें कोई कार्रवाई नहीं की जाती है।
विज्ञापन


घट रही बच्चों की संख्या
जोगीवाड़ा स्कूल में 29 विद्यार्थी पढ़ते हैं और दो शिक्षक हैं। बिजली की तार स्कूल की सबसे बड़ी समस्या है। इसके चलते हर साल विद्यार्थियों की संख्या घटती जा रही है। कभी इस स्कूल में करीब 100 बच्चे थे। परंतु सुरक्षा के चलते अभिभावकों ने बच्चों को इस स्कूल से निकालना शुरू कर दिया है। पिछले साल भी इस स्कूल में 33 बच्चे थे और अब 29 रह गए हैं। अभिभावकों का कहना है कि अब हालात और ज्यादा खराब हो गए हैं, यदि ऐसा ही रहा तो वे बच्चों को निकालने पर मजबूर हो रहे हैं।
मामले की उनके पास शिकायत नहीं आई है। संबंधित डिविजन कार्यालय से इसके बारे में पता करवाएंगे। यदि ऐसा हो रहा है तो समस्या का समाधान किया जाएगा।

नरेंद्र कुमार, एसई, बिजली निगम।

जोगीवाड़ा के राजकीय स्कूल में छत से होकर गुजरती बिजली की तारें। संवाद

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें