संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। सिखों की पहली राजधानी के रूप में पहचाने जाने वाले ऐतिहासिक लोहगढ़ गुरुद्वारा साहिब में पहली बार हरियाणा से बिजली की आपूर्ति शुरू हो गई है। रविवार को परिसर में बिजली पहुंचने के बाद प्रोजेक्टर समेत अन्य विद्युत उपकरण भी चलने लग गए।
इससे पहले यहां बिजली की आपूर्ति हिमाचल प्रदेश से की जा रही थी। हिमाचल क्षेत्र से एक लंबी तार डाल कर अभी तक गुरुद्वारा साहिब में बिजली की सप्लाई हो रही थी। बिजली लगातार नहीं मिलती थी। बिजली के आने-जाने का कोई समय निश्चित नहीं था। शाम होते ही यहां पर अंधेरा पसर जाता था। वहीं जंगली जानवरों के हमले का खतरा भी रहता था।
लोहगढ़ साहिब में बिजली की स्थायी व्यवस्था करने की मांग सिख संगत की ओर से लंबे समय से उठाई जा रही थी। संगत की मांग पर अब यहां 16 केवी क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है। इसके साथ ही करीब एक किलोमीटर लंबी नई बिजली लाइन भी बिछाई गई है। इससे गुरुद्वारा परिसर में बिजली आपूर्ति की व्यवस्था हरियाणा की बिजली लाइन से जुड़ गई है।
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के निदेशक मंदीप रोड छप्पर ने बताया कि सिख संगत लंबे समय से बिजली की समस्या को उठा रही थी। इस संबंध में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और साढौरा विधायक भी लोहगढ़ साहिब का दौरा कर चुके हैं। अब हरियाणा से बिजली आपूर्ति शुरू होने से संगत को काफी सुविधा मिलेगी। उन्होंने इसके लिए सरकार का आभार जताया।
300 मीटर सड़क क्षतिग्रस्त
मंदीप सिंह ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब में अभी पानी की समस्या बनी हुई है। इसके अलावा सड़क का करीब 300 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त है, जिसे ठीक कराने की जरूरत है। सतिंद्र फेरूवाला, सुक्खा बनकट, गुरमेज कपूरी, तलजिंद्र सिंह और कृपाल सिंह ने कहा कि लोहगढ़ साहिब का सिख इतिहास में विशेष महत्व है। इसे बाबा बंदा सिंह बहादुर की सिखों की पहली राजधानी के रूप में जाना जाता है। लोगों ने उम्मीद जताई कि पानी और सड़क से जुड़ी समस्याओं का भी जल्द समाधान होगा।
लोहगढ़ गुरुद्वारा साहिब में बिजली आपूर्ति के लिए लगाया गया ट्रांसफार्मर। संवाद
लोहगढ़ गुरुद्वारा साहिब में बिजली आपूर्ति के लिए लगाया गया ट्रांसफार्मर। संवाद