संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नाम राहुल। उम्र आठ साल। ये वही बच्चा है जो 27 मई को ग्रीन विहार कॉलोनी से लापता हो गया था। राहुल उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से मिला। बच्चा मिलने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
बेटे के लापता होने पर मां-बाप डर गए थे कहीं उनके बेटे का अपहरण तो नहीं हो गया। इस तरह के ख्याल मन में लिए मां-बाप इधर-उधर भटकते रहे। लेकिन राहुल का कुछ पता नहीं चल पाया। तब परेशान होने के बाद मूलरूप से नेपाल के जिला बारा के गांव कलईया के रहने वाले पिता संदेश यादव ने अपने बेटे की थाना बूड़िया में लापता होने की रपट दर्ज कराई थी।
जब तक राहुल का अता-पता चलता तब तक दो रुपये का सिक्का जेब में डाल कर वह 1200 किमी. दूर बिहार कल्याणपुर अपनी नानी के पास जाने के लिए ट्रेन में सवार हो चुका था। राहुल बचपन से ही अपनी नानी के पास ही रहा है। 10 दिन पहले ही उसके माता-पिता वहां से उसे यमुनानगर लेकर आए थे। ताकि राहुल का यहां पर पहली कक्षा में दाखिला करा सके।
दो रुपये का सिक्का लेकर चढ़ गया ट्रेन
पिता संदेश यादव ने बताया कि वह कॉलोनी से नंगे पांव पैदल घर से 10 किलोमीटर दूर यमुनानगर रेलवे स्टेशन पहुंचा और यहां से प्लेटफार्म नंबर एक पर आकर रुकी पहली ट्रेन में ही चढ़ गया। रास्ते में किसी यात्री से पूछा कि क्या यह ट्रेन मेरी नानी के गांव बिहार के शंभू चौक जाएगी। मना करने पर वह उत्तर प्रदेश के बिजनौर में उतर गया और यहां से भूखे पेट 15 किलोमीटर पैदल चलकर गांव बिल्लारपुर पहुंच गया।
वहां एक परिवार ने दो दिन उसे अपने पास रखा और सोशल मीडिया के माध्यम से किसी तरह परिजनों से संपर्क कर बच्चे को उन्हें सुपुर्द किया। जब राहुल घर से यमुनानगर रेलवे स्टेशन पर पहुंचा तो यहां जो भी ट्रेन आई उसमें चढ़ गया। सारी रात सफर करने के बाद सुबह के समय राहुल ने अंकल से पूछा कि क्या यह ट्रेन उसकी नानी के गांव बिहार स्थित शंभू चौक जाएगी। उन्होंने मना कर दिया तो ऐसे में राहुल वहीं उत्तरप्रदेश के बिजनौर जिले में पर ट्रेन से उतर गया। इसके बाद वह किसी तरह गांव बल्लाशेरपुर पहुंचा था।