संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। मैदानी व पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश से मंगलवार को सोम नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर आठ हजार क्यूसेक तक पहुंच गया है। इससे पास बसे गांव के लोगों की धड़कनें तेज हो गई हैं। बाढ़ बचाव राहत कार्य में देरी से ग्रामीणों में काफी भय है। ग्रामीणों को जाल-माल की चिंता सताने लगी है।
खानूवाला निवासी ग्रामीण गगनदीप सिंह, गोलू, अमराव सिंह ने बताया कि पिछले वर्ष बरसात में सोम नदी की पटरी टूट गई थी। जिसकी वजह से गांव में बाढ़ आ गई थी। जिससे ग्रामीणों के खेत, अनाज सहित घरेलू सामान बाढ़ में डूब गए थे। जिस जगह से पटरी टूटी थी, उस जगह पर सिंचाई विभाग ने अस्थायी पटरी बना दी थी और अगले वर्ष बरसात से पहले बाढ़ बचाव का स्थायी इंतजाम का आश्वासन दिया था।
ग्रामीणों का कहना है कि एक साल हो गया है, लेकिन सिंचाई विभाग ने अभी तक गांव की सुध नहीं ली। अब सोम नदी में उफान आ गया है, जिसके बाद ग्रामीणों को घर-परिवार की चिंता सताने लगी है। यदि पानी और बढ़ता है तो सोम नदी की पटरी टूट जाएगी और गांव में बाढ़ आ जाएगी। ग्रामीणों ने कहा कि इस बार विभाग ने बाढ़ बचाव राहत कार्य नहीं किए हैं, जिससे उनकी चिंता और ज्यादा बढ़ गई है।
इस बारे एसडीएम बिलासपुर जसपाल सिंह गिल ने बताया कि इस बार बाढ़ बचाव राहत कार्य कुछ देरी से शुरू हुए हैं। खानूवाला गांव में बाढ़ बचाव के कार्य करने के लिए पत्थर का स्टॉक जमा हो चुका है और जल्द ही नदी के किनारे बाढ़ बचाव राहत कार्य करवा दिए जाएंगे। प्रशासन पानी की स्थिति पर नजर बनाए हुए है।