संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। हरियाणा माइन्स एंड जिओलाजी इंफोर्मेशन सिस्टम (एचएमजीआईएस) पोर्टल में फर्जीवाड़ा कर ई रवाना के जरिये खनन सामग्री बेचने के मामले में गिरफ्तार डेकडीवाला निवासी योगेश कुमार का वीरवार को रिमांड खत्म हो गया। स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम (एसआईटी) ने उसे अदालत में पेश किया। वहां से उसे जेल भेज दिया गया।
डीएसपी राजेश कुमार ने बताया कि जहां आरोपी अवैध खनन करता था,वहां की उससे निशानदेही कराई गई। जांच में सामने आया कि योगेश अवैध खनन कर स्क्रीनिंग प्लांटों पर माल भिजवाता था, जिसे आगे बेचने के लिए पूर्व में पकड़ा गया महेंद्रगढ़ जिले के गांव कोरियावास निवासी करतार सिंह ई-रवाना देता।
जिसे ट्रांसपोर्टर को देकर उसकी गाड़ी से अवैध खनिज सामग्री को वैध दिखाकर बेच दिया जाता। ई-रवाना भी उन फर्माें के जारी किए जाते जो बंद पड़ी है। यह ई-रवाना फर्जी होते है। अब तक पुलिस को जो भी ई रवाना बरामद हुए वह फर्जी मिले हैं। सरकार ने अवैध खनन रोकने के लिए 25 दिसंबर 2023 को एचएमजीआईएस पोर्टल जारी किया। खनन कारोबार करने वाली फर्में इस पोर्टल के जरिए ही खनन कारोबार कर सकती है।
इस पोर्टल पर खनन की खरीद व बिक्री से संबंधित जानकारी दर्ज करना होता है। इसके बाद ही परमिट जारी किया जा सकता है। लेकिन इस पोर्टल का भी माफिया ने तोड़ निकाल लिया था। रणजीतपुर क्षेत्र में पोर्टल के माध्यम से फर्जी ई-रवाना जारी कर अवैध खनन किया जा रहा था। पुलिस ने पहले पांच मार्च 2024 को केस दर्ज किया था। अब इस तरह का ही मामला 28 अगस्त को बिलासपुर थाना पुलिस ने दर्ज किया था। जिसमें आरोपी गिरफ्तार किए गए।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर पुलिस ने 28 अगस्त को खान एवं भू खनन अधिकारी निरंजन कुमार की शिकायत पर जैतपुर क्षेत्र में पोर्टल पर फर्जी ई-रवाना जारी कर अवैध खनन करने का केस दर्ज किया था। निरंजन ने बताया था कि गांव जैतपुर के समीप खनन जाेन में आरके ट्रेडिंग कंपनी के माध्यम से पोर्टल पर अवैध तरीके से ई रवाना जारी किए जा रहे है। मामले की सूचना मिलते ही एसएचओ राय सिंह व खनन विभाग के अधिकारियों ने जैतपुर क्षेत्र का निरीक्षण किया। तब अज्ञात पर केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस केस की जांच की तो पता चला कि खनन माफिया ने विभागीय अधिकारियों व कर्मियों से मिलीभगत कर बंद पड़े पोर्टलों की आईडी जनरेट कराई। वहां पर मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी तक बदल दी। जिससे ओटीपी उनके पास आने लगी।
इसके माध्यम से ई-रवाना जारी कर अवैध रूप से खनिज सामग्री बेची गई। जांच में इस केस में पुलिस ने महेंद्रगढ़ जिले के गांव कोरियावास निवासी करतार सिंह, गांधी धाम जगाधरी निवासी अमरेंद्र सिंह, जय सिटी जगाधरी निवासी हरजीत सिंह, सावनपुरी निवासी गुलशन गेरा की संलिप्तता मिली। जिसके बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद पुलिस ने डेकडीवाला निवासी योगेश कुमार को गिरफ्तार किया था।