संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। विधानसभा चुनाव की सरगर्मी में बस सेवा का मुद्दा भी सुनाई दे रहा है। जिले के ग्रामीण रूटों पर लोग बस सेवा बढ़ाने की मांग कर रहे है, वहीं नेता भी चुनावी माहौल में यह मुद्दा उठा रहे हैं और अपने दल की सरकार बनने पर व्यवस्था में सुधार के वादे भी कर रहे हैं।
यमुनानगर डिपो पर पांच वर्षों में एक समय ऐसा रहा, जब हरियाणा रोडवेज की मात्र 130 बसें रह गई थी, जिनमें 115 से 120 बसें ऑन रूट रहती थी। इसके बाद 10 एसी, पांच इलेक्ट्रिक सहित काफी संख्या में यूरो-6 बसें भी आईं। हालांकि इस बीच कई बसें कंडम भी हुईं। इसके बाद भी मौजूदा समय में डिपो पर कुल ऑनरूट बसों की संख्या 171 है। नई बसों के आने से जिले के ग्रामीण रूटों पर भी बस सेवा बढ़ने की उम्मीद थी।
ग्रामीणों को आस थी कि जिन रूटों पर बसें नहीं हैं, वहां बसें चलेंगी और जिन रूटों पर बसों के फेरे कम हैं वहां फेरे बढ़ेंगे। किंतु ग्रामीण इलाकों में मांग मुताबिक बस सेवा नहीं हो पाई, जिसके रोष में कई ग्रामीण रूटों के छात्र-छात्राओं सहित लोगों ने प्रदर्शन भी किए। अब विधानसभा चुनाव के माहौल में जिले के ग्रामीण रूटों पर बस सेवा बढ़ाने की मांग कर रहे है, वहीं नेता भी यह मुद्दा जनता में उठा रहे हैं।
विद्यार्थी व नौकरीपेशा वर्ग ज्यादा परेशान : चिराग
आम आदमी पार्टी से चिराग सिंघल ने कहा कि यमुनानगर से कलानौर, जठलाना, रादौर, थाना छप्पर, साढौरा, बिलासपुर, छछरौली, प्रतापनगर, पांवटा के रास्ते साथ लगते कई लिंक मार्गों पर बस सेवा नहीं है। जिन रूटों पर सेवा हैं, उन पर भी बसों के समय कम हैं। इससे यात्री बसों में चढ़ नहीं पाते या खड़े होकर सफर करते हैं। विद्यार्थी व नौकरीपेशा खासे परेशान होते हैं, जिन्हें मजबूरन निजी वाहनों या अन्य साधन के सहारे आना-जाना पड़ता है। आप सरकार बनने पर बस सेवा में सुधार होगा।
नई बसों आईं, ग्रामीण रूटों पर नहीं बढ़़ाई : देवेंद्र
कांग्रेस से देवेंद्र सिंह ने कहा कि यमुनानगर डिपो पर हरियाणा रोडवेज की नई बसें आईं तो नेताओं ने इसे जिले के लिए बड़ी सौगात बताया। इसके बाद नई बसों से दूसरे जिलों व राज्यों के रूटों पर बस सेवा की गई, पर वर्षों पुरानी मांग पर जिले के ग्रामीण रूटों पर बस सेवा नहीं बढ़ाई। अभी भी कई ग्रामीण रूटों पर बस सेवा नहीं है। अन्य ग्रामीण रूटों पर भी बसें कम है। ऐसे में गांव से शहर व शहर से गांव आने जाने में लोगों को परेशानी हो रही है। कांग्रेस सरकार बनने पर बस सेवा में सुधार कराया जाएगा।
यात्रियों की संख्या के आधार चलें बसें : अशोक
अशोक गक्कड़ ने बताया कि गांव से यमुनानगर शहर शिक्षण संस्थान व नौकरी के लिए आना पड़ता है, लेकिन गांव से शहर के लिए सीधी बस सेवा नहीं है। मजबूरन निजी वाहनों के सहारे आना जाना पड़ता है। ऐसे ही जिले के अन्य ग्रामीण रूटों बसें नहीं है या मांग से कम है। इसमें सुधार के लिए सभी ग्रामीण रूटों पर सर्वे कराया होना चाहिए, जिसमें यात्रियों की संख्या के आधार पर बसों की भी संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। तभी ग्रामीण रूटों पर बसों की समस्या दूर हो सकेगी।
जान जोखिम में डाल आते-जाते विद्यार्थी : गौरव
बूड़िया निवासी गौरव ने बताया कि यमुनानगर व जगाधरी बस स्टैंड से विद्यार्थी दामला, रादौर, कुरुक्षेत्र, मुलाना, हथिनीकुंड सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में बने शिक्षण संस्थान में पढ़ने जाते हैं। हजारों विद्यार्थियों के पास बस पास भी हैं। तब भी काफी विद्यार्थियों को बसों के दरवाजों पर लटक या अंदर खड़े होकर सफर करना पड़ता है और वापसी में कई बार बस मिलती नहीं और ऑटो में महंगा किराया अदा कर आना पड़ता है।
डिपो से संचालित सभी रूटों पर मांग मुताबिक बसें व समय रखे गए हैं। किसी रूट पर बस व समय बढ़ाने या किसी नए रूट को चलाने की मांग आती है तो नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाएंगे। - संजय रावल, जीएम रोडवेज, यमुनानगर।