संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। प्लाईवुड उद्योग के पॉपुलर की लकड़ी जरूरी है। दाम कम होने से जिले की दोनों मंडियों में पॉपुलर की लकड़ी नहीं आ रही है। इससे आढ़तियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसी लकड़ी पर उनका कारोबार टिका है, जोकि अब बंद है।
पुराना सहारनपुर रोड व मानकपुर में लकड़ी मंडी है। इनमें 85 प्रतिशत उत्तर प्रदेश और 15 प्रतिशत पॉपुलर की लकड़ी लोकल आती है। पॉपुलर के रेट 1700 से 1400 रुपये प्रति क्विंटल आ जाने से कारोबार मंदा पड़ा है। हालांकि प्लाईवुड उद्योग पर अभी इसका असर नजर नहीं आ रहा, परंतु मंडी में लकड़ी नहीं आई तो आगे चल कर इस उद्योग पर भी गहरा असर पड़ सकता है। वैसे तो पॉपुलर की लकड़ी में कई वैरायिटी है, लेकिन 10 वेरायिटी की अधिक मांग है। इसी का रेट 1400 रुपये प्रति क्विंटल तक आ गया। पहले यह 1700 रुपये प्रति क्विंटल तक थी। इस वैरायिटी की खास बात ये है इसका वेट कम होता है और प्लाईवुड के फायदेमंद भी। दोनों मंडियों में रोजाना औसतन 400 से 450 ट्राली लकड़ी की आती हैं। पर्याप्त कच्चा माल न होने से प्लाईवुड फैक्टरियों में उत्पादन 20 से 30 प्रतिशत तक कम हो सकता है। जिले में प्लाईवुड की 300 से अधिक यूनिट हैं। इसके अलावा 400 से अधिक पिलिंग व सॉ मिल हैं।
इन प्लाईवुड यूनिट में रोजाना 7000 क्यूबिक मीटर प्लाई का उत्पादन होता है। मानकपुर व मंडौली लक्कड़ मंडियों में पहले रोजाना पॉपुलर व सफेदा की 800 से अधिक ट्रैक्टर-ट्रालियां आती थी। मंडियों में 85 प्रतिशत लकड़ी उत्तर प्रदेश से आती है। बाकी लकड़ी हरियाणा के विभिन्न जिलों के अलावा हिमाचल प्रदेश व पंजाब से भी आती है।
लकड़ी मंडी एसोसिएशन के प्रधान बलदेव पंवार का कहना है पॉपुलर की लकड़ी के रेट कम होने से मंडी में यूपी से लकड़ी नहीं आ रही। पॉपुलर उत्पादक घाटे का सौदा बताते हुए मंडी में लकड़ी लाने से मना कर दिया है। इससे उनका कारोबार पर असर पड़े से नुकसान हो रहा है। क्योंकि ज्यादातर लकड़ी यूपी से ही आती है। पॉपुलर उत्पादकों का कहना है दाम कम होने से वे मंडी में अपनी लकड़ी नहीं गिराएंगे।
अभी उत्पादन पर कोई असर नहीं : बिहानी
प्लाईवुड फैक्टरी एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष जेके बिहानी ने बताया कि पॉपुलर की लकड़ी के रेट कम होने से मंडी में लकड़ी नहीं आ रही। लेकिन, प्लाईवुड उद्योग पर अभी इसका कोई असर नहीं है। इनके दाम ऊपर-नीचे चलते रहते हैं। यदि भविष्य में बिलकुल ही लकड़ी नहीं आती तब इसका असर जरूर पड़ेगा। लकड़ी का रेट काफी बढ़ गया है। प्लाई का रेट वही है। दूसरा लकड़ी भी पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पाती। इसलिए उत्पादन पर तो असर पड़ता ही है। उम्मीद है आने वाले दिनों में कच्चा माल ज्यादा मिलेगा।