संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। बरौली माजरा में पथराला नदी की पटरी को टूटे सप्ताह हो चुका है। प्रशासन अभी तक बेपरवाह है। ऐसे में इसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है। पटरी के टूटने पर लगातार चल रहे पानी से 500 एकड़ फसल बर्बाद होने के कगार पर है।
पटरी ठीक नहीं कराए जाने से किसानों में रोष देखने को मिल रहा है। उन्हें फसलों को लेकर चिंता सताए जा रही है, यदि और मूसलाधार बारिश हुई तो बची-बुची फसलें भी खराब हो जाएंगी। ऐसे में उन्हें खाने के लिए भविष्य में लाले पड़ जाएंगे। यहां तक पशुओं का चारा भी नहीं मिल पाएगा। बरौली, माजरा, डमोली, रायपुर, तारूवाला, बलौली व उर्जनी इत्यादि गांवों में फसलों को काफी नुकसान हुआ है।
किसानों का कहना है कि हर साल यही हालात होते हैं। मानसून आने से पहले पटरी की मरम्मत कराई जाती है और बारिश होने पर पटरी टूट जाती है। इससे उन्हें नुकसान झेलना पड़ता है।
नदियों से हर साल होता है नुकसान
दीपक ने बताया कि वैसे तो हर साल बारिश के सीजन में नदियों से किसानों का काफी नुकसान होता है। ये समस्या हर साल बनी रहती है। यदि प्रशासन समय से बाढ़ बचाव कार्य कर लेता तो किसानों को इस तरह से नुकसान नहीं झेलना पड़ता। प्रशासन सिर्फ खोखले दावे करता है की बाढ़ बचाव कार्य कर लोगों को सुविधा दी गई है पर असल में धरातल पर सच्चाई उसके उलट है।
सोम व पथराला हर बार मचाती है तबाही
ग्रामीण रवीश का कहना है सोम व पथराला नदियां हर साल तबाही मचाती हैं। जिससे फसलें खराब हो जाती हैं। इस बार बारिश सीजन के पहले ही पानी में बरौली माजरा में पथराला नदी की पटरी टूट गई थी। जिससे फसलें पानी में डूब गई है। एक सप्ताह बीतने के बाद भी प्रशासन द्वारा टूटी हुई पटरी की तरफ कोई ध्यान नहीं दिया गया है।