यमुनानगर। जिला अस्पताल में बने कोविड वार्ड में बुधवार की देर रात ऑक्सीजन खत्म होने पर संक्रमित मरीजों की जान पर बन आई। करीब घंटे तक ऑक्सीजन को लेकर हंगामा चलता रहा। हैरानी की बात है कि जिम्मेदार अफसरों ने रात के समय ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की कॉल तक नहीं उठाई। हालांकि यह हाल दिन के समय में भी होता है। लोग परेशान होकर कॉल करना ही बंद कर देते हैं। घंटों बाद वार्ड में ऑक्सीजन सिलिंडर पहुंचाए गए। जिससे मरीजों को राहत की सांस मिली।
कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ऑक्सीजन की खपत भी अधिक होने लगी है। सरकारी से लेकर निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन को लेकर मारामारी चल रही है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग लगातार ऑल इज वेल का दावा कर रहा है। लेकिन ऑक्सीजन की स्थिति व्यवस्थाओं में अटकी पड़ी है। बुधवार देर रात को सिविल अस्पताल के ट्रामा सेंटर में कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए बेड की व्यवस्था की गई है। जिसमें कम लक्षण वाले 20 संक्रमित मरीज भर्ती हैं। इनमें ज्यादातर ऑक्सीजन सपोर्ट पर हैं। बुधवार रात करीब दो बजे संक्रमित मरीजों की ऑक्सीजन खत्म हो गई। जब मरीजों की सांसों की डोर टूटने लगी तो ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और स्टाफ में हड़कंप मच गया। उधर, तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालांकि काफी जद्दोजहद के बाद ऑक्सीजन के सिलिंडर पहुंच गए और मरीजों को राहत मिली।
देर रात को कोविड वार्ड में ऑक्सीजन में कमी आ गई थी, जिसको लेकर तीमारदार थोड़ा घबरा गए थे, लेकिन थोड़ी देर में ऑक्सीजन के सिलिंडर पहुंचा दिए गए थे और व्यवस्था दुरुस्त हो गई थी।
-डॉ. सुनील कुमार, प्रधान मेडिकल ऑफिसर।