यमुनानगर। हिमाचल प्रदेश के कालाअंब से होते हुए जिले के गांवों से गुजर रही मारकंडा नदी फिलहाल सूखी पड़ी है। भीषण गर्मी के कारण मारकंडा नदी में पानी की जगह सिर्फ रेत दिख रही है। इससे श्रद्धालु मायूस हैं। गंगा दशहरा पर रविवार को दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुओं को भी निराश होना पड़ा। उन्हें आचमन करने के लिए नदी में पानी नसीब नहीं हो सका।
दरअसल, हर रविवार को साढौरा के पहाड़ीपुर में हजारों श्रद्धालु मारकंडा की पूजा अर्चना करने के लिए पहुंचते हैं, परंतु गर्मी कारण नदी सूखने से उन्हें आचमन करने के लिए पानी भी नहीं मिल रहा। मारकंडा नदी पर बने पुल के एक पिलर के पास गड्ढे में नाममात्र पानी जमा है, जो गंदगी से काला पड़ चुका है, लेकिन इसमें ही श्रद्धालु पूजा अर्चना करने को मजबूर हैं।
पहाड़ीपुर गांव के पास मारकंडा की पूजा करने पहुंचे मोंटी, सलोचना देवी, सतबीर व मुकेश ने बताया कि जब पूर्णिमा का चांद लगा हो तो प्रत्येक रविवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु मारकंडा की पूजा करने पहुंचते हैं। अब तक मारकंडा नदी में पहाड़ों से आया पाना धार के रूप में बहता रहता था, परंतु कई दिनों से पड़ रही गर्मी की वजह से इस बार मारकंडा नदी का पानी पूरी तरह से सूख गया है। हिमाचल के कालाअंब से नीचे की तरफ कहीं भी नदी में पानी दिखाई नहीं देता जिससे श्रद्धालुओं को पूजा पाठ करने में भी दिक्कत हो रही है। पुल के पिलर के पास गड्ढे में रिसाव के साथ थोड़ा बहुत पानी एकत्रित हुआ है। मजबूरी में उसी में पूजा अर्चना करनी पड़ रही है। लोगों का कहना है कि इस बार काफी समय से बारिश भी नहीं हुई है। यदि बारिश हो जाए तो मारकंडा में पानी आने की संभावना बढ़ जाती है।