नगर निगम शहरी कॉलोनियों में गर्मियों के दौरान रहने वाली पेयजल आपूर्ति की दिक्कतें दूर करने की योजना बना रहा है। इस योजना के तहत नगर निगम की ओर से 20 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी की जा रही है।
योजना के मुताबिक शहर की जिस कॉलोनी में पेयजल आपूर्ति की पाइप लाइन नहीं है, वहां नई पाइप लाइन डाली जाएगी। ऐसे ही जहां पाइप लाइन काफी पुरानी हो गई है, वहां उसे अपग्रेड करने का काम होगा। नगर निगम की ओर से यह कार्य जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग से कराया जाएगा।
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के अंतर्गत वर्ष 2018 में 69 कॉलोनियों का वैध किया गया था। चालू वित्त वर्ष में अप्रैल को 35 फिर अगस्त में 36 कॉलोनियों को वैध करने सरकार ने अधिसूचना जारी की। इस तरह प्रदेश में सबसे अधिक नगर निगम यमुनानगर जगाधरी क्षेत्र की 71 कॉलोनियां इस वर्ष वैध हुईं। अभी भी नगर निगम यमुनानगर जगाधरी के अंतर्गत 24 कॉलोनियों को वैध करने के प्रस्ताव सरकार के पास भेजा हुआ है।
इन नई वैध हुई कॉलोनियों सहित अन्य कई कॉलोनियों में कई जगह पेयजल आपूर्ति को पाइप लाइन नहीं है। ऐसे ही अन्य कॉलोनियों में पाइप लाइन काफी पुरानी व जर्जर हाल होने से बार-बार लीकेज की समस्या होती है, जिससे आसपास के क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति बाधित हो जाती है।
इन्हीं परेशानियों को देखकर नगर निगम की ओर से गर्मियों से पहले पेयजल आपूर्ति सुधारने की योजना बनाई गई है। इसके तहत जिन कॉलोनियों में उक्त दिक्कतें हैं, उन्हें चिह्नित कर जरूरत मुताबिक नई पाइप लाइन डाली जाएगी या पुरानी पाइप लाइन अपग्रेड कराई जाएगी। इस पर काम फिलहाल करीब 20 करोड़ खर्च आने का अनुमान है। जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी से यह काम कराया जाएगा।
पेयजल आपूर्ति में सुधार का प्रयास है। इसी के तहत योजना के तहत कार्य कराया जाएगा। इस संबंध में संबंधित अफसरों को निर्देश दिए हैं। गर्मियों से पहले काम पूरा कराने का प्रयास है। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।