संवाद न्यूज एजंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की बाहरी दीवारों से लगातार टाइलें गिरने की घटनाओं के बाद विभाग ने जांच के नाम पर टाइलें तो उखाड़ दीं, लेकिन अब इस भवन को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। आलम यह है कि टाइलें उतार दिए जाने से चमचमाता हुआ अस्पताल का यह आधुनिक भवन अब बाहर से बदसूरत और जर्जर हालत में नजर आ रहा है।
हफ्तों बीत जाने के बाद भी अभी तक इस भवन की मरम्मत का दूर-दूर तक कोई अता-पता नहीं है। जिला नागरिक अस्पताल की दीवारों से अब तक एक या दो बार नहीं, बल्कि रिकॉर्ड 13 बार टाइलें गिरने की घटनाएं हो चुकी हैं। इन हादसों के बाद हरकत में आए अधिकारियों के निर्देश पर प्रत्येक टाइल को हथौड़ी से ठोककर उसकी मजबूती परखी गई।
जांच के दौरान जिन टाइलों के पीछे खालीपन या कमजोरी मिली, उन्हें तुरंत हटा दिया गया। इस प्रक्रिया में निर्माण की गुणवत्ता की पोल खुल गई। ज्यादातर टाइलें तो ऐसी थीं जो मजदूरों के हाथ लगाते ही नीचे गिरने लगीं। हालत यह हो गई है कि कई स्थानों पर पूरी की पूरी दीवार की टाइलें दोबारा लगाने की नौबत आ गई है।
स्वास्थ्य विभाग ने 200 बेड के इस पांच मंजिला भव्य अस्पताल को बनाने पर 105 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की है। इस आधुनिक अस्पताल के निर्माण को गत 11 मई को तीन साल पूरे हुए हैं। 11 मई 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस नए भवन का उद्घाटन कर जनता को समर्पित किया था। उद्घाटन के बाद से ही इसके घटिया निर्माण कार्य को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं। मात्र तीन साल के भीतर ही करोड़ों की इमारत का यह हाल होना अधिकारियों और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।
अस्पताल के भवन की दीवारों पर लगी जो टाइलें गिरने की स्थिति में थी उन्हें सुरक्षा के चलते उतरवा दिया है। जल्द ही टाइलें लगाने का कार्य शुरू हो जाएगा। - पुनीत मित्तल, एक्सईएन, पीडब्ल्यूडी।