संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला उपभोक्ता शिकायत निवारण आयोग ने स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस कंपनी को बीमाधारक प्रमोद पुरी का 3.75 लाख रुपये का मेडिकल क्लेम ब्याज सहित अदा करने के आदेश दिए हैं। आयोग ने माना कि कंपनी पहले से बीमारी छिपाने का आरोप साबित नहीं कर सकी और पर्याप्त साक्ष्य के अभाव में क्लेम खारिज करना सेवा में कमी व अनुचित व्यापारिक व्यवहार है।
प्रोफेसर कॉलोनी निवासी प्रमोद पुरी ने जिला उपभोक्ता आयोजिक में दी गई शिकायत में बताया था कि उन्होंने वर्ष 2021 से लगातार स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी ले रखी थी। वर्ष 2025 में उनकी पत्नी मीनाक्षी पुरी के दोनों घुटनों के प्रत्यारोपण नी रिप्लेसमेंट का इलाज कराया, जिसमें 3.75 लाख रुपये खर्च हुए।
अस्पताल में कैशलेस सुविधा और बाद में प्रतिपूर्ति रिइम्बर्समेंट का दावा बीमा कंपनी ने यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि मरीज को रूमेटाइड अर्थराइटिस पहले से था और इसकी जानकारी पॉलिसी लेते समय नहीं दी गई। सुनवाई के दौरान आयोग ने पाया कि बीमा कंपनी इस आरोप के समर्थन में कोई ठोस मेडिकल रिकॉर्ड प्रस्तुत नहीं कर सकी।
आयोग ने कहा कि केवल अस्पताल के एक आकलन फॉर्म के आधार पर दावा खारिज नहीं किया जा सकता। आयोग ने कंपनी को 3.75 लाख रुपये, परिवाद दायर करने की तिथि से सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज व मानसिक पीड़ा और कानूनी खर्च के लिए 11 हजार रुपये देने का आदेश दिया। 45 दिन में भुगतान नहीं करने पर नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा।