रादौर के गांव लालछप्पर में हवन करते ग्रामीण। स्वयं
रादौर। लाल छप्पर गांव में मकर संक्रांति पर जोगी समाज के लोगों ने बुधवार को गुरु गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी एवं हलवे का प्रसाद वितरित किया। वहीं हवन का आयोजन कर सभी की सुख शांति व भाईचारे की कामना की गई। लोगों ने लाल छप्पर गांव के पूर्व सरपंच मास्टर मलखान सिंह जोगी के साथ सहयोग करते हुए गुरु गोरखनाथ को खिचड़ी एवं हलवे का भोग लगा कर गऊ माता को गुड़ खिलाया और समस्त समाज के कल्याण की प्रार्थना की।
मास्टर मलखान सिंह जोगी ने कहा कि मकर संक्रांति पर महायोगी गुरु गोरखनाथ के दरबार में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा युगों पुरानी है। इसका आज भी आस्था और श्रद्धा के साथ निर्वाह किया जा रहा है। नेपाल और देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु गुरु गोरखनाथ के दरबार में खिचड़ी चढ़ाने पहुंचते हैं। मान्यता है कि त्रेता युग में गुरु गोरखनाथ भिक्षा मांगते हुए हिमाचल प्रदेश के कोट कांगड़ा जिले के ज्वाला देवी मंदिर गए थे। जैसे ही देवी ज्वाला को गुरु गोरखनाथ दिखे तो ज्वाला देवी स्वयं प्रकट हुई और दोनों ने एक दूसरे को नमस्कार किया। स्वयं ज्वाला देवी ने गुरु गोरखनाथ को भोजन के लिए आमंत्रित किया। देवी ने तरह-तरह के व्यंजन तैयार किए। गुरु गोरखनाथ ने यह कह कर खाने से इंकार कर दिया कि वे आपके भोजन को ग्रहण नहीं कर सकते, क्योंकि आपके भक्त आपके मंदिर में बलि के नाम पर निर्दोष जीवों की बली चढ़ाते हैं। मां ज्वाला ने कहा कि आज से वह स्वयं बली प्रथा को बंद कर देंगी और केवल नारियल की ही भेंट स्वीकार करूगी। इस मौके पर मास्टर मलखान सिंह जोगी, प्रदीप पंडित, संदीप जोगी, यशपाल जोगी, सुरेंद्र जोगी, प्रमोद जोगी, अंग्रेज जोगी, विनोद जोगी, कपिल जोगी, बलराम जोगी, मोहित जोगी, हर्ष जोगी, नव जोगी, आर्यन जोगी, कुणाल जोगी, विजय जोगी प्रिंस जोगी, राजेश जोगी, आजाद जोगी आदि उपस्थित रहे। संवाद