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Yamuna Nagar News: निस्तारण का काम सुस्त, प्लांट में लगे कचरे के ढेर

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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के लिए केंद्रीय टीम कभी भी शहर आ सकती है, पर इसके अहम जांच बिंदु में से एक कचरा निस्तारण की स्थिति में सुधार नहीं है। हालांकि एजेंसी को दिन-रात कचरा निस्तारण करने के निर्देश सहित समय पर कचरा निस्तारण न होने पर जुर्माना करने की चेतावनी भी दी जा चुकी है।
इसके बावजूद प्लांट में कचरे के ढेर लगे हैं। स्वच्छ सर्वेक्षण के लिए आ रही केंद्रीय टीम की नजर पड़ती है तो रैंकिंग बिगड़ सकती है। शहर से रोज करीब 300 टन कचरा निकलता है, जिसके डोर-टू-डोर उठान से लेकर निस्तारण तक का कार्य नगर निगम ठेके पर एजेंसी से करवा रहा है। एजेंसी कचरे का कैल कचरा प्लांट में डंप कर यहां लगे ट्रॉमल से निस्तारण करती है। शुरुआत से कचरा निस्तारण का कार्य सवालों में रहा है। निवर्तमान पार्षदों सहित शहरवासी कचरे का निस्तारण धीमा होने के आरोप लग रहे हैं। गत 11 दिसंबर को ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की बैठक में निगमायुक्त ने कैल कचरा प्लांट में डंप हो रहे कचरे की स्थिति जानी। इस पर निगम अफसरों ने बताया कि कैल कचरा प्लांट में धीमी गति से कचरे का निस्तारण हो रहा है। निगमायुक्त ने एजेंसी को चेतावनी दी कि निर्धारित समय पर कचरा निस्तारण न हुआ तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा।
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इससे पूर्व 27 नवंबर को निगमायुक्त की बैठक में भी ने कचरा निस्तारण समय पर न होने पर एजेंसी पर जुर्माना लगाने व शोकॉज नोटिस देने के निर्णय लिए गए। कचरा निस्तारण नहीं होने पर एजेंसी पर पांच हजार रुपये प्रतिदिन के हिसाब से जुर्माना लगाने का प्रावधान किया। साथ ही एजेंसी को कचरा निस्तारण के लिए दिन-रात ट्रॉमल चलाने के निर्देश दिए गए।
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इसके बाद भी कैल कचरा प्लांट में स्थिति सुधरी नजर नहीं आ रही है। निवर्तमान पार्षद रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने कहा कि एजेंसी की ओर से समय पर कचरे का निस्तारण नहीं किया जा रहा है तो नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जानी चाहिए, लेकिन कचरा प्लांट में लगातार कचरे के ढेर लग रहे हैं, ये देखकर भी निगम अफसर कार्रवाई से हाथ खींच रहे हैं। अफसरों की कार्रवाई बैठकों व निर्देशों तक सिमटी है।

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