संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मानसून आते ही जगाधरी क्षेत्र के लोगों के लिए परेशानी का दौर शुरू हो जाता है। हर साल बरसात के मौसम में सड़कों पर जलभराव, घरों के सामने गंदा पानी और सीवरेज उफनने की समस्या आम हो जाती है। हालात ऐसे बन जाते हैं कि लोगों को घर से निकलने में डर लगता है। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए नगर निगम ने इस बार मानसून से पहले तैयारी शुरू करने का दावा किया है।
इसी कड़ी सोमवार को नगर निगम मेयर सुमन बहमनी ने जगाधरी क्षेत्र के वार्ड एक से सात तक के पार्षदों और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों के साथ बैठक कर हर साल होने वाले जलभराव की समस्या पर चर्चा की। बैठक में पार्षदों ने सीधे तौर पर लोगों की परेशानी को सामने रखा और बताया कि बरसात के दिनों में कई कॉलोनियों और मुख्य सड़कों पर गंदा पानी भर जाता है, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
पार्षदों ने कहा कि कई इलाकों में सीवरेज लाइनें बेहद पुरानी हो चुकी हैं। जगह-जगह सीवरेज जाम होने से पानी सड़कों पर बहने लगता है और कई बार यह पानी घरों में भी घुस जाता है। लोगों को बदबू, मच्छरों और संक्रमण का सामना करना पड़ता है। बरसात के समय स्कूल जाने वाले बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कत झेलनी पड़ती है।
बैठक में यह भी बताया गया कि जलभराव की समस्या सिर्फ एक-दो इलाकों तक सीमित नहीं है, बल्कि वार्ड एक से सात तक कई ऐसे प्वाइंट हैं, जहां हर साल यही स्थिति बनती है। पार्षदों ने मांग की कि सीवरेज लाइनों की नियमित सफाई हो, समय-समय पर जांच की जाए और जहां लाइनें क्षतिग्रस्त हैं, उन्हें जल्द बदला जाए। साथ ही सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) की क्षमता बढ़ाने या नया एसटीपी लगाने का सुझाव भी दिया गया।
मेयर सुमन बहमनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जलभराव वाले सभी प्वाइंट्स का मौके पर जाकर निरीक्षण करें और सीवरेज जाम की समस्या का स्थायी समाधान सुनिश्चित करें। सीवरेज व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए एक ठोस कार्य योजना तैयार करें ताकि आने वाले समय में जलभराव और गंदगी की समस्या से लोगों को राहत मिले। सि मौके पर पार्षद रीना रस्तोगी, अरुण कुमार, जयंत स्वामी, रुचि कांबोज, भानू प्रताप, अंकित कुमार, प्रियांक शर्मा, जेई हिमांशु मौजूद रहें।