संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले की स्वास्थ्य सेवाएं इन दिनों लैब टेक्नीशियन की भारी कमी से जूझ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि जिले के 6 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) की लैब में एक भी लैब टेक्नीशियन तैनात नहीं हैं। इसका सीधा असर मरीजों की जांच सुविधाओं पर पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को जांच के लिए शहर के अस्पतालों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में लैब टेक्नीशियन के कुल 61 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल 32 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं। शेष 29 पद खाली पड़े हैं। कर्मचारियों की कमी के कारण कई स्वास्थ्य केंद्रों पर लैब सेवाएं पूरी तरह प्रभावित हो चुकी हैं। जिले के पीएचसी मोहड़ी, पीएचसी मुगलवाली, रणजीतपुर, हैबतपुर, रसूलपुर, साबापुर, बूड़िया, कलानौर, अंटावा, भंभौल, खदरी और पीएचसी कोट में एक भी लैब टेक्नीशियन नहीं है।
वहीं सीएचसी व्यासपुर, सीएचसी साढौरा, सीएचसी नाहरपुर, सीएचसी अकबरपुर, सीएचसी छछरौली और सीएचसी प्रतापनगर की स्थिति भी ऐसी ही बनी हुई है। जिला जेल जगाधरी में भी लैब टेक्नीशियन का पद खाली है। इन केंद्रों पर मरीजों के रक्त, यूरिन और अन्य जरूरी सैंपलों की जांच नहीं हो पा रही।
मजबूरी में मरीजों को जांच के लिए उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी या मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल यमुनानगर रेफर किया जा रहा है। इससे मरीजों का समय और पैसा दोनों खर्च हो रहे हैं। खासकर बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और गरीब परिवार सबसे अधिक परेशान हैं। समाजसेवी मामचंद रत्तूवाला का कहना है कि गांव के स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर मिलने के बाद भी जांच सुविधा न होने से इलाज अधूरा रह जाता है।
उन्होंने बताया कि मरीजों को 20 से 30 किलोमीटर दूर शहर जाना पड़ता है। ऐसे में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
हालांकि जिला स्तर के अस्पतालों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर है। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के 14 पद स्वीकृत हैं, जिनमें से 13 भरे हुए हैं और एक पद खाली है। वहीं उप जिला नागरिक अस्पताल जगाधरी में सभी 10 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं।
खाली पदों को भरने के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया है। विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था के प्रयास भी किए जा रहे हैं, ताकि मरीजों को ज्यादा परेशानी न हो। - डॉ. सुशीला सैनी, डिप्टी सिविल सर्जन, यमुनानगर।