संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। पुराना रादौर रोड समीप स्थित श्रीमूर्ति देवी मंदिर में श्रीराम कथा का आयोजन किया गया है। इसमें कथा व्यास सच्चिदानंद शास्त्री ने भगवान श्रीरामचंद्र के विवाह का वर्णन किया। कथा सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।
उन्होंने बताया कि माता सीता के स्वयंवर में भगवान शंकर के पिनाक धनुष का खंडन कर भगवान श्रीरामचंद्र ने राजाओं का मान घटाया और माता जानकी का विवाह संपन्न हुआ। भगवान परशुराम के क्रोध को भगवान श्रीराम ने किस तरह शांत किया। साथ ही अहिल्या उद्धार व पुष्प वाटिका की कथा सुनाई। मौके पर कैलाश चंद्र अग्रवाल, पवन तायल, राम कुमार, पंडित इंद्रदीप शास्त्री, अंकित शास्त्री व मंदिर मैनेजर देवेंद्र शर्मा मौजूद रहे।