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Yamuna Nagar News: प्रयासों के बाद भी यमुना की स्वच्छता पर ग्रहण

Sun, 01 Sep 2024 03:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। विधानसभा चुनाव की सरगर्मी के बीच यमुना की स्वच्छता का मुद्दा फिर लोगों की जुबान पर आ रहा है। विपक्ष सहित विभिन्न संगठनों के लोगों का आरोप है कि यमुना की स्वच्छता के लिए कई प्रयास व परियोजनाओं के बाद भी धरातल पर हालात नहीं बदल पाए हैं। आलम ये है कि जहां यमुना में गिरते नाले डायवर्ट करने पर अफसरों ने लाखों रुपये खर्च किए, वहां भी यमुना का पानी साफ नहीं है।
विस चुनाव के माहौल में संगठनों के लोग राजनीतिक दलों से यमुना की स्वच्छता पर अपना पक्ष जनता के समक्ष रखने की मांग कर रहे हैं। पश्चिमी यमुना नहर में शांति कॉलोनी व आजाद नगर समीप दो नालों को नगर निगम अफसरों ने पटरी के रास्ते पाइपलाइन डाल जिंदल पार्क से लगते पंपिंग स्टेशन से जोड़ दिया। ये काम जून-2019 में करीब 77 लाख में अलॉट हुआ था। दो नालों पर इतनी बड़ी रकम खर्च करने के बाद अफसरों ने दोबारा सुध नहीं ली।
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शांति कॉलोनी समीप नाला डायवर्ट होने के बाद भी उसका गंदा पानी पश्चिमी यमुना नहर में मिल रहा है। ऐसे ही जमुना गली सहित कई जगह नालों का गंदा पानी नहर में जा रहा है। इसके लिए यमुना बचाओ सेवा समिति व पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संगठनों के पदाधिकारी संबंधित विभागों के अफसरों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
हरियाणा एनवायरनमेंटल सोसायटी के प्रधान एवं ग्रीन मैन एसएल सैनी ने कहा कि यमुना नहर के किनारे पहले काफी संख्या में सफेदे व अन्य पेड़ थे, जो काट दिए गए। जबकि यह यमुना के तेज बहाव से कटाव रोकते व पर्यावरण संतुलन बनाए रखते थे। राजनीतिक दलों पर बताना चाहिए कि वह यमुना की स्वच्छता के लिए क्या और कैसे करेंगे।
पर्यावरण मित्र फाउंडेशन के प्रधान चिराग सिंघल ने कहा कि एनजीटी से आदेश के बाद भी यमुना नहर में नालों का गंदा पानी मिल रहा है। इसमें संबंधित विभागों के अफसर जिम्मेदार हैं, जो मामले को गंभीरता से लेकर काम नहीं कर रहे। जिन्होंने कई नाले डायवर्ट नहीं किए और जो डायवर्ट किए उनकी सुध नहीं ली गई।
सोसायटी ऑफ एनवायरनमेंट मैनेजमेंट एंड बायो रिसर्च के पैटर्न डॉ. केआर भारद्वाज ने कहा कि यमुना से यमुनानगर की पहचान है, इसलिए इसकी स्वच्छता पर ध्यान दिया जाना जरूरी है। इसमें खासकर शहर में यमुना नहर के दोनों ओर अधिक से अधिक पौधे लगाकर उन्हें संरक्षण दिया जाना चाहिए।
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यमुना बचाओ सेवा समिति के अध्यक्ष महेंद्र मित्तल ने कहा कि समिति की ओर से प्रशासन से यमुना के जल को स्वच्छ रखने की मांग लगातार की गई, पर इसे पूरा नहीं किया गया। समिति ने अपने स्तर पर यमुना के तट व घाटों की सफाई की। इसके बाद भी प्रशासनिक स्तर पर यमुना के जल को दूषित होने से बचाने के प्रयास नहीं हो रहे हैं।
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