माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। जिले में डेंगू के 11 मरीज मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने जांच का दायरा बढ़ाने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है। इसके लिए जिले भर में 30 सितंबर तक रेपिड फीवर सर्वे किया जाएगा। शहर में यह कार्य पांच टीमों की ओर किया जाएगा। गांवों में करीब डेढ़ सौ टीम सर्वे करेंगी।
सर्वे के दौरान जिन लोगों को बुखार मिलेगा उनकी रक्त स्लाइड बनाकर लैब में जांच को भेजी जाएगी। जांच में जो लोग डेंगू या मलेरिया पॉजिटिव मिलेंगे, उनका सरकारी अस्पतालों में इलाज किया जाएगा। मरीजों के बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल में करीब 50 बेड की व्यवस्था की गई है। हर दिन एमपीएचडब्ल्यू की ओर से स्वास्थ्य निरीक्षक को रिपोर्ट भी दी जाएगी।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. वागिश गुटेन ने बताया कि रेपिड फीवर सर्वे 30 सितंबर तक चलेगा। सर्वे करने के लिए टीम में बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मियों के अलावा, आशा वर्करों और तकनीशियनों को भी शामिल किया गया है। यह टीमें शहर में और ब्लॉक स्तर पर भी घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य का फीडबैक लेंगी। टीमों की ओर से प्रमुख तौर पर बुखार वाले मरीजों की पहचान की जाएगी। बुखार के मरीजों के मौके पर ही नमूने लिए जाएंगे, जिनकी लैब में जांच करवाई जाएगी।
उन्होंने बताया कि इस सर्वे को कराने का मुख्य लक्ष्य है कि कोई भी संदिग्ध मरीज जांच से छूट न जाए। जिससे कि वह डेंगू या मलेरिया का कैरियर बन जाए। उन्होंने कहा कि सभी मेडिकल अधिकारियों और जिम्मेदारों को पत्र जारी कर एक्शन प्लान बनाकर सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी या कोरोना जांच केंद्रों पर बुखार के लक्षण के साथ जांच कराने आ रहे लोगों के भी डेंगू व मलेरिया की जांच के लिए भी नमूने लिए जा रहे हैं।
यहां मिल चुके हैं डेंगू के मरीज
संतपुरा, सेक्टर-17, नरेंद्र नगर, रादौर, साबापुर, ससोली, बुडिया गेट, छोटी लाइन आदि जगहों पर डेंगू के कंफर्म मरीज मिल चुके हैं। इसके अलावा करीब 3400 जगहों पर लारवा भी मिल चुका है। जहां पर लारवा मिला है, वहां रहने वाले लोगों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से नोटिस भी दिया गया है।
जिले में फिलहाल डेंगू और मलेरिया के मामले कंट्रोल में है। लोगं विभाग की ओर से सुझाए गए नियमों का पालन करें। साथ ही बुखार होने पर तुरंत इलाज करवाएं। अभी तक 11 डेंगू और चार मलेरिया के मरीज मिले हैं, जो अब ठीक को चुके हैं। फिलहाल कोई सक्रिय मरीज नहीं है। -डॉ. विजय दहिया, सीएमओ