यमुनानगर। गन्ने के रेट में सरकार की ओर से 14 रुपये प्रति क्विंटल की गई बढ़ोतरी के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के बैनर तले किसान सड़क पर उतर आए। किसानों ने भाकियू जिला प्रधान संजू गुंदियाना के नेतृत्व में लघु सचिवालय के सामने प्रदर्शन किया। इसके बाद सरकार का पुतला भी जलाया।किसानों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि गन्ने का रेट 400 रुपये क्विंटल नहीं किया गया तो भाकियू आंदोलन को तेज करेगी।
संजू गुंदियाना ने कहा कि किसान लंबे समय से गन्ने का मूल्य 450 रुपये क्विंटल करने की मांग कर रहे थे। पिछले वर्ष किसानों ने आंदोलन किया था और तकरीबन हरियाणा की सभी शुगर मिलों का घेराव किया था। तब हरियाणा सरकार ने मात्र 10 रुपये क्विंटल रेट बढ़ाया था। मुख्यमंत्री ने अपनी मजबूरी गिनाते हुए कहा था कि अगली बार हम किसानों को अच्छे दाम देंगे, लेकिन अबकी बार फिर वही मात्र 14 रुपये बढ़ाकर किसानों के साथ मजाक किया है। मुख्यमंत्री यमुनानगर जिले में आ रहे हैं तो किसानों ने विरोध स्वरूप उनके आगमन पर पुतला जलाया है। यदि लागत के आधार पर गन्ने का मूल्य तय किया जाए तो कम से कम 600 रुपये प्रति क्विंटल बनता है। आज चीनी के दाम मार्केट में अच्छे हैं। गन्ने से एथेनॉल बनाया जाता है जो पेट्रोल डीजल में काम आता है। आज गन्ने से जो खोई निकलती है उसके रेट गन्ने के रेट के बराबर है। किसान की लागत हर साल बढ़ती जा रही है। किसान मांग करते हैं कि गन्ने के दाम को 450 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। नहीं तो 23 नवंबर को पिपली अनाज मंडी में किसानों की महापंचायत होगी। जिसमें सरकार के साथ आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया जाएगा। इस मौके पर भाकियू डायरेक्टर मनदीप सिंह, युवा अध्यक्ष संदीप टोपरा, महासचिव गुरवीर सिंह, राजकुमार सीपियांवाला, उपाध्यक्ष गुरमेज कपूरी, बिरा राम, किरणपाल, नरवैल सिंह, कृपाल सिंह, कुरुक्षेत्र प्रभारी पप्पल, शुभम, विकास, मुकेश, ईश्वर, चंद्रपाल, रवि, महेंद्र सिंह, संदीप भगवानगढ़, सतेंद्र बेनीवाल मौजूद रहे।