संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति की जिला इकाई ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को तत्काल लागू करने की मांग उठाई। समिति की कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को डीसी कार्यालय पर एकत्रित होकर धरना दिया और तहसीलदार के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन भेजा।
धरने को संबोधित करते हुए जिला प्रधान राजेश्वरी ने कहा कि संसद और विधानसभाओं में महिला आरक्षण के लिए दशकों से संघर्ष चल रहा है। 2023 में नारी शक्ति वंदन विधेयक पारित हुआ था, लेकिन लागू नहीं किया गया। हाल ही में 21 अप्रैल को बुलाए गए लोकसभा के विशेष सत्र में सरकार का मुख्य उद्देश्य महिला आरक्षण लागू करना नहीं, बल्कि परिसीमन को आगे बढ़ाना था।
महिला आरक्षण और परिसीमन दो अलग-अलग विषय हैं, लेकिन सरकार दोनों को जोड़कर महिलाओं के अधिकारों को टाल रही है और इसका दोष विपक्ष पर मढ़ रही है। सरकार की मंशा स्पष्ट होती तो यह कानून पहले ही लागू किया जा सकता था। जिला सह सचिव मीनाक्षी देवी और जिला कोषाध्यक्ष सोमवती ने कहा कि आरक्षण को परिसीमन से जोड़ना महिलाओं के उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बाधा डालता है और इससे सरकार की नीयत पर सवाल उठते हैं।
उन्होंने मांग की नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 को बिना किसी शर्त के तुरंत लागू किया जाए। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक महिला आरक्षण लागू नहीं किया जाता, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। धरने में स्टेट प्रधान शरबती, चंपा देवी, किशोर ब्लॉक समिति प्रधान रोशन लाल, सुनीता, पवन कुमार, मनोज कुमार सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।