संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आंगनवाड़ी वर्कर हेल्पर यूनियन रजिस्टर्ड नंबर 1442 के बैनर तले आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स का धरना जगाधरी अनाज मंडी में सोमवार को 21वें दिन भी जारी रहा। इनका कहना है कि वे विभाग से आंगनवाड़ी केंद्रों को सुचारू रूप से चलाने के लिए अपनी जेब से खर्च की गई रकम की अदायगी चाहती हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विभाग की ओर से उनकी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया जा रहा है। रोजाना उन्हें आश्वासन दिया जाता है कि बिल तैयार हो चुके हैं, लेकिन अभी तक उनके खातों में एक भी पैसा नहीं पहुंचा है। पिछले करीब दो वर्षों से वे विभाग की कई जिम्मेदारियां अपने स्तर पर निभा रही हैं।
अब आर्थिक स्थिति ऐसी हो गई है कि उनके लिए आगे खर्च उठाना मुश्किल हो रहा है। वर्कर्स ने कहा कि आंगनवाड़ी कम क्रैश केंद्रों की वर्कर्स को पिछले 17 माह से किराए का भुगतान नहीं किया गया है। बार-बार बिल बनने का आश्वासन दिया जा रहा है, लेकिन भुगतान नहीं हो रहा।
आरोप लगाया कि विभाग की ओर से केंद्रों पर लौटने का दबाव बनाया जा रहा है और ऐसा न करने पर बर्खास्तगी सहित अन्य कार्रवाई की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि वे किसी भी कार्रवाई से नहीं डरेंगी और धरना जारी रहेंगी। प्रदर्शन में सीमा, सुगंधा, सुमित, आशा, गुलशन, सुनीता, निर्मला, अंजू, नीरू, अंग्रेजों, वंदना, सरोज, ऋतु गुप्ता सहित सभी वर्कर्स और हेल्पर्स मौजूद रहीं।
सड़क पर उतरने की चेतावनी
वर्कर्स ने कहा कि फिलहाल वे धरना देकर अपना विरोध जता रही हैं। यदि सरकार ने जल्द उनकी बकाया राशि का भुगतान नहीं किया तो उन्हें मजबूरन सड़कों पर उतरना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि आर्थिक परेशानी के बावजूद वे अपने आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगी।
किसान संगठनों ने दिया समर्थन
धरना स्थल पर किसान पार्टी से श्याम सिंह ने पहुंचकर वर्कर्स को समर्थन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स और हेल्पर्स समाज के लिए महत्वपूर्ण कार्य कर रही हैं। वर्कर्स रितु गुप्ता, सुनीता और अंग्रेजों देवी ने बताया कि भारतीय किसान यूनियन सहित किसान संगठनों के प्रतिनिधि भी धरने को समर्थन देने पहुंचे।