प्रतापनगर। खंड के स्क्रीनिंग और क्रशर संचालकों को अब कच्चे-पक्के खनिज खरीद व बेचने के ई-रवाना और बिजली बिल का ब्योरा देना होगा। इसके लिए सभी स्टोन क्रशरों व स्क्रीन संचालकों को पत्र जारी भी कर दिया गया है। इसके माध्यम से खनन विभाग अवैध रूप से खरीदे व बेचे गए माल की जानकारी इकट्ठी करेगा ताकि अवैध खनन, परचेज व फर्जी ई रवाना जारी करने पर रोक लगाई जा सके। पत्र जारी होने पर खनन जोन में हड़कंप मचा हुआ है।
जानकारी के अनुसार लंबे समय से अवैध खनन कर फर्जी बिल व अवैध परचेज का मामला सुर्खियों में है। इसमें खनन विभाग के कुछ अधिकारी व कर्मचारियों की मिली भगत से भी इनकार नहीं किया जा सकता। जिला प्रशासन की तरफ से जांच जारी है। जिले में चल रहे इस धंधे का पर्दाफाश होते ही पूर्व जिला खनन अधिकारी भूमिगत बताए जा रहे हैं। खनन अधिकारी राजीव धीमान ने बताया कि यमुनानगर में फिलहाल कुल दस खनन ब्लॉक में कार्य करने की अनुमति है। जिनमें से सात खनन ब्लॉक रेत के हैं और शेष तीन खनन ब्लॉक बोल्डर ग्रेवल-रेत के खनन कार्य के लिए मान्य हैं। इसके अलावा कार्यालय रिकॉर्ड के अनुसार आज के समय तीन बोल्डर ग्रेवल-रेत के खनन ब्लॉकों में से केवल मैं कारज सिंह गांव मलिकपुर खादर ब्लॉक बी 28 में ही खनन कार्य किया जा रहा है, इसके अलावा जिले में कोई भी खनन ब्लॉक वैध रूप से ठेके पर नहीं चल रहा है।
उन्होंने बताया कि जानकारी मिली है कि स्क्रीनिंग प्लांट के मालिकों, संचालकों, प्रतिनिधियों द्वारा अवैध रूप से बिना किसी ई-रवाना, बिल के स्क्रीनिंग प्लांट का संचालन किया जा रहा है व अवैध खनन कर अवैध रूप से खनिज का परिवहन किया जा रहा है। इसलिए सभी एक सप्ताह के अंदर अंदर कच्चे खनिज की खरीद व पक्के खनिज की बेच का रिकॉर्ड और पिछले छह माह के बिजली बिल कार्यालय में प्रस्तुत करें।