संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। वाणिज्यिक गैस सिलिंडर की लगातार बढ़ती कीमतों ने छोटे कारोबारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात यह हैं कि अब जिले में रेहड़ी, फास्ट फूड, चाय और छोटे होटल संचालक बड़ी संख्या में घरेलू गैस सिलिंडर का इस्तेमाल करने लगे हैं। वाणिज्यिक सिलिंडर की कीमत 3100 रुपये से अधिक पहुंचने के बाद घरेलू सिलिंडरों की मांग में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
गैस एजेंसियों के अनुसार पहले जहां रोजाना करीब 9200 घरेलू सिलिंडरों की मांग रहती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 10 हजार से अधिक पहुंच गई है। दूसरी ओर वाणिज्यिक सिलिंडरों की मांग बेहद कम हो गई है। 21 अप्रैल तक रोजाना औसतन 113 वाणिज्यिक सिलिंडरों की डिमांड थी, लेकिन अब इसमें भी लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
वाणिज्यिक सिलिंडर की कीमत और घरेलू सिलिंडर की दरों में बड़ा अंतर होने के कारण छोटे व्यवसाय चलाना मुश्किल हो गया है। जहां 19 किलो का वाणिज्यिक सिलिंडर 3100 रुपये से अधिक का मिल रहा है, वहीं 14 किलो का घरेलू सिलिंडर केवल 938 रुपये में उपलब्ध है। ऐसे में छोटे दुकानदार लागत कम करने के लिए घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं।
शहर में कई स्थानों पर फास्ट फूड स्टॉल, चाय की दुकानों, रेहड़ियों और छोटे ढाबों पर घरेलू सिलिंडरों का उपयोग खुलेआम देखा जा सकता है। नाम न छापने की शर्त पर दुकानदारों ने बताया कि बढ़ती महंगाई के बीच वाणिज्यिक सिलिंडर का खर्च उठाना उनके लिए संभव नहीं रह गया है। यदि वे वाणिज्यिक सिलिंडर इस्तेमाल करें तो खाने-पीने की वस्तुओं के दाम बढ़ाने पड़ेंगे, जिससे ग्राहकों की संख्या प्रभावित हो सकती है।
गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि घरेलू सिलिंडरों की मांग में अचानक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। घरेलू सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग नियमों के खिलाफ माना जाता है, लेकिन कीमतों में भारी अंतर के कारण लोग जोखिम उठाकर भी घरेलू सिलिंडर का इस्तेमाल कर रहे हैं। वाणिज्यिक गैस सिलिंडर की ऊंची कीमतों का सबसे ज्यादा असर छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है।
बड़े होटल और रेस्तरां तो किसी तरह खर्च वहन कर लेते हैं, लेकिन रेहड़ी और छोटे दुकानदारों के लिए हर महीने हजारों रुपये अतिरिक्त खर्च करना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने सरकार से वाणिज्यिक सिलिंडर की कीमतों में राहत देने की मांग की है। यदि कीमतों में कमी नहीं हुई तो छोटे कारोबारियों की आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती है।
डीएफएससी नितिश सिंगला का कहना है कि घरेलू गैस सिलिंडरों की काला बाजारी करने वालों पर न केवल निगरानी रखी जा रही है बल्कि कार्रवाई भी करते हैं। औचक निरीक्षण करके जांच की जा रही है। पिछले दिनों ऐसा करने वालों पर कार्रवाई भी की है।
शहर के प्यारा चौक पर प्रयोग होता घरेलू सिलिंडर। संवाद