यमुनानगर। नहरी विभाग के जेई 41 वर्षीय शंभू प्रताप सिंह का शव शुक्रवार सुबह नहर कॉलोनी स्थित उनके क्वार्टर में गली सड़ी हालत में मिला। क्वार्टर से बदबू व मक्खियां पनपने पर पड़ोसियों को कुछ गड़बड़ होने का शक हुआ। जिस पर उन्होंने मृतक के परिजनों व पुलिस को सूचना दी।
इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि जेई की मौत मिर्गी का दौरा पड़ने से हुई है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के हवाले कर दिया।
साढ़ौरा थाना क्षेत्र के गांव झंडा निवासी नरेंद्र सिंह ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसका भाई 41 वर्षीय शंभू प्रताप सिंह साढ़े तीन साल से नहरी विभाग में जेई के पद पर कार्यरत था। उसके भाई की ड्यूटी नहर कॉलोनी जगाधरी में बने कार्यालय में थी।
कार्यालय के नजदीक नहर कॉलोनी में बने क्वार्टर में उसका भाई अकेला रहता था। वह कभी कभी गांव में उनके पास मिलने आता था। 19 अप्रैल को उसके भाई का उसके पास फोन आया था। तब उसने बताया था कि उसे 500 रुपये की जरूरत है। तब उसने पड़ोसी के मोबाइल ने ऑनलाइन 500 रुपये भाई के पास भेज दिए थे। शुक्रवार सुबह नौ बजे उसके मामा के लड़के सालेहपुर निवासी गुलाब सिंह ने उसे फोन पर बताया कि शंभू के क्वार्टर से बदबू आ रही है। वहां काफी मक्खियां पनप रही है। सूचना मिलते ही वह तुरंत अपने परिजनों के साथ नहर कॉलोनी शंभू के क्वार्टर पर पहुंचा। उसने देखा कि उसका भाई का शव क्वार्टर में चारपाई के साथ फर्श पर मृत पड़ा हुआ था।