यमुनानगर। आबकारी एवं कराधान विभाग में हुई जालसाजी का मामला सामने आया है। वर्ष 2023 की रिपोर्ट के अनुसार एक शराब ठेकेदार ने ब्रीच केस में 10 लाख रुपये नकद और 90 लाख रुपये का डिमांड ड्राफ्ट वर्ष 2023 को आईसीआईसीआई बैंक का विभाग में जमा कराया था। आरोप है कि बाद में यह डीडी दफ्तर से गायब हो गया। शिकायत के मुताबिक संबंधित विक्रेता ने ड्राफ्ट को कैंसिल कराकर पूरी राशि अपने खाते में वापस ले ली। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर अब उच्चाधिकारियों को लिखित शिकायत भेजी गई है।
शिकायतकर्ता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसे अपनी जान का खतरा है, इसलिए वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आ रहा। उसका कहना है कि तीन साल से खजाने से जुड़े इस गंभीर मामले को दबाया जा रहा है और इसमें आपराधिक मुकदमा दर्ज होना चाहिए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि तत्कालीन डीईटीसी के बाद दो अन्य डीईटीसी भी विभाग में आए, लेकिन मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
उधर हाल ही में डीईटीसी एक्साइज का पदभार संभालने वाले जितेंद्र राघव ने बताया कि एसएम वाइन को नोटिस जारी कर दिया गया है। यदि रिकवरी नहीं होती है तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। पूर्व डीईटीसी एक्साइज आलोक पासी द्वारा भी जांच के लिए कमेटी गठित की गई थी। संवाद