संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में कैंसर रोगियों के लिए डे-केयर वार्ड बनाया गया है। इसमें कैंसर रोगियों के लिए पांच बेड की सुविधा होगी। कीमोथेरेपी होने के बाद कैंसर के मरीज हालत सामान्य होने तक डॉक्टर व स्टाफ की गिनरानी में रहेंगे। अभी निकाय चुनाव की आचार संहिता के हटते ही डे-केयर वार्ड का शुभारंभ होगा।
जिले में कैंसर के 510 मरीज पंजीकृत हैं। डे केयर वार्ड का सबसे ज्यादा कैंसर के उन मरीजों को होगा जिनकी समय-समय पर कीमोथेरेपी करनी पड़ती है। कीमोथेरेपी एक जटिल प्रक्रिया है। इसके बाद मरीज के स्वास्थ्य पर कई घंटे तक नजर रखनी पड़ती है। कीमोथेरेपी के बाद मरीज को सामान्य होने में समय लगता है।
फिलहाल मरीज को कैंसर वार्ड में ही भर्ती रखना पड़ता है। कैंसर वार्ड में मरीजों के लिए जरूरी उपकरण नहीं है। इस पर डे-केयर वार्ड बनाया जा रहा है। यहां पर मरीज डाॅक्टर व स्टाफ की निगरानी में भी रहेंगे। इससे उनके तीमारदारों को भी राहत मिलेगी। मरीज की हालत जब सामान्य होगी तभी उन्हें घर भेजा जाएगा।
डे-केयर वार्ड में कैंसर रोगियों के लिए बायोप्सी जांच, कीमोथेरेपी के साथ-साथ एक समय के आहार का भी इंतजाम होगा। केंद्र सरकार ने बजट में देश के हर जिले में डे केयर कैंसर वार्ड शुरू करने का एलान किया था। डे-केयर वार्ड में मरीज से सैंपल लेकर बायोप्सी जांच के लिए नजदीकी मेडिकल कॉलेज की प्रयोगशाला भेजा जाएगा।
जांच होने के बाद रिपोर्ट तय समय पर डे-केयर सेंटर भेज दी जाएगी। अगर बीमारी की पहचान होती है तो डॉक्टर तय करेंगे कि रोगी को कीमोथेरेपी देनी है या फिर रेडियोथेरेपी की भी साथ जरूरत है। रेडियोथेरेपी के लिए रोगी को बड़े अस्पताल जाना पड़ सकता है, अगर सिर्फ कीमोथेरेपी और दवाओं के जरिये उपचार होना है तो रोगी को डे केयर वार्ड पर ही इसकी सुविधा मिलेगी।
जिला नागरिक अस्पताल में डे-केयर वार्ड बनाया गया है। अभी आचार संहिता लगी है। आचार संहिता के हटते ही डे-केयर वार्ड शुरू किया जाएगा। इसके शुरू होने से कैंसर रोगियों को काफी फायदा होगा। - डॉ. नवजोत किरन टिवाना, पीएमओ मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल।