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Yamuna Nagar News: चढ़ते पारे संग लू का खतरा बढ़ा, एहतियात जरूरी

Sat, 27 Apr 2024 06:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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यमुनानगर। चिलचिलाती धूप से लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। दोपहर के समय पारा 38 डिग्री तक पहुंच गया है। वहीं न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। धूप से बचने के लिए महिलाएं चेहरे पर दुपट्टा व पुरुष गमछा बांध कर चल रहे हैं। गर्मी से बाजार में पेय पदार्थों की भी मांग बढ़ गई है। गर्मी को देखते हुए जनहित में प्रशासन की ओर से एडवाइजरी जारी की गई है। साथ ही जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वागीश गुटैन को लू के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को लू से बचने और उससे निपटने के बारे में निर्देश जारी किए गए हैं।
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सिविल सर्जन डॉ. मनजीत सिंह ने बताया कि एडवाइजरी के अनुसार, सभी स्वास्थ्य संस्थाओं को निर्देश दिए गए हैं कि लू से ग्रस्त लोगों के लिए ठंडे कमरे में वार्ड बनाया जाए, जिसमें एसी या कूलर का प्रबंध हो और ठंडे पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। ओआरएस, आईवी फ्लूड और अन्य जरूरी दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध होनी चाहिए। लू से बचने के लिए थोड़ी-थोड़ी देर बाद पानी और नींबू पानी पीने की सलाह दी गई है। दोपहर 12 बजे से तीन बजे के बीच में घर से बाहर न निकलने की भी हिदायत दी गई। यदि किसी कारण घर से बाहर निकलना पड़ता है तो सिर पर सूती कपड़ा या छाता लेकर ही बाहर निकलें। बाहर निकलते वक्त अपने साथ वाटर बोतल लेकर चलें। तरबूज, खरबूजा, खीरा, ककड़ी, नींबू आदि मौसमी फल और सब्जियों को अपनी डेली डाइट में शामिल करें, जिनमें पानी की मात्रा अधिक होती है। साथ ही पतले, ढीले, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें। नोडल अधिकारी डॉ. वागीश गुटैन ने बताया कि लू के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों की सहायता के लिए जिला स्तर पर एक कंट्रोल रूम (नंबर 108) भी बनाया गया है। लू के केसों को मॉनिटर करने के लिए सरकार द्वारा एक आईएचआईपी पोर्टल भी बनाया गया है जिसमें सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थाओं द्वारा लू के मरीजों की रिपोर्ट रोजाना दर्ज की जानी है, जिसकी निगरानी नोडल अधिकारी द्वारा की जाएगी।


यह हैं लू लगने के लक्षण
सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह ने बताया कि चक्कर आना, घबराहट, उल्टी, तेज सिर दर्द, बहुत ज्यादा प्यास लगना, पेशाब कम होना और पेशाब का रंग गहरा पीला होना, सांस तेज चलना और दिल की धड़कन बढ़ जाना आदि लू लगने के लक्षण हैं। उन्होंने बताया कि जब लू लगने की स्थिति आगे बढ़ जाती है तो हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। हीट स्ट्रोक एक मेडिकल इमरजेंसी होती है। बड़ों और बच्चों में अलग-अलग लक्षण दिख सकते हैं। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। बच्चों में हीट स्ट्रोक पर दूध पीने से इंकार करना, चिड़चिड़ापन, पेशाब कम आना, मुंह सूखना, दौरे पड़ना, शरीर में किसी जगह से खून आना आदि लक्षण हैं।
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