संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। बीते दो माह यमुनानगर पुलिस के लिए बेचैनी भरे रहे हैं। विदेशों में बैठे गैंगस्टर यमुनानगर पुलिस के लिए चुनौती बन चुके हैं। विदेश में बैठकर रंगदारी का धंधा चल रहा है। इसके लिए यमुनानगर और आसपास के जिलों में पूरा नेटवर्क सक्रिय है। पुलिस नेटवर्क को तोड़ने में नाकाम साबित हो रही है।
कारोबारी के आवास पर वीरवार को हुई फायरिंग की घटना ने पुलिस के सामने चुनौती पेश की। इस वारदात में भी विदेश में बैठे गैंगस्टर का नाम सामने आया है। एक सप्ताह पहले ही छप्पर थाना क्षेत्र में भी एक कारोबारी से रंगदारी मांगी गई थी। यही नहीं, सढौरा, बिलासपुर, जठलाना में भी कई लोगों से रंगदारी मांगी जा चुकी है।
सभी को विदेशी नंबर से कॉल कर धमकी दी गई। पुलिस हर मामले की जांच करने का दावा करती है। लेकिन, पुलिस की फाइल में जांच एक कदम बढ़कर रुक जाती है। पुलिस आरोपियों को विदेश से लाकर कार्रवाई नहीं कर पा रही। जिस कारण अपराधियों के हौसले पूरी तरह से बुलंद हैं।
रादौर गैंगवार में हुए तिहरे हत्याकांड में भी विदेश में बैठे नोनी राणा का नाम सामने आया था। नोनी राणा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर वारदात की जिम्मेदारी ली थी। इसके बाद पुलिस ने केस में संगठित गिरोह की धारा बढ़ाकर नोनी राणा को आरोपी बनाया था।
गैंग से कम उम्र के युवा जुड़े
यमुनानगर और आसपास के जिलों में फैले अपराधियों के नेटवर्क में कम उम्र के युवा शामिल हैं। हाल ही में करनाल एसटीएफ ने दो अपराधियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। दोनों ही आरोपी नाबालिग थे और उन पर फायरिंग करने के आरोप थे। इसी सप्ताह यमुनानगर पुलिस ने एमएम ग्रुप के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया था। इस ग्रुप में भी एक अपराधी नाबालिग ही था। यह पहले भी रंगदारी और डकैती की वारदात में शामिल रहा था।