हरियाणा के यमुनानगर के प्रतापनगर क्षेत्र के देवधर डांडीपुर में रॉयल्टी ठेकेदार व कारिंदे और किसान शुक्रवार को आमने-सामने हो गए। इस दौरान दोनों की गुटों में काफी बहसबाजी भी हुई। मामला पुलिस तक जा पहुंचा। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची।
दरअसल रॉयल्टी ठेकेदार अपने कारिंदों के साथ जैसे ही देवधर डांडीपुर में खनन कार्य शुरू करने पहुंचे तभी किसानों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया। काफी बहसबाजी के बाद अंत में विरोध के बाद राॅयल्टी संचालक को मौके से वापस लौटना पड़ा।
खनन से काफी क्षेत्र हो चुका बर्बाद
किसानों का कहना है खनन से पहले ही काफी क्षेत्र बर्बाद हो चुका है। वह आगे खनन नहीं होने देंगे। उधर रॉयल्टी ठेकेदार व खनन विभाग इसको सरकार द्वारा निर्धारित पट्टा बता रहे हैं। लेकिन ग्रामीण किसी भी सूरत में खनन कार्य न होने देने की बात पर अड़े हुए हैं। किसान राजेंद्र, मास्टर प्रेम सिंह, राकेश कुमार, जगबीर सिंह, ज्ञान सिंह, सुखदेव, प्रेमचंद सैनी व बबलू किसानों ने बताया कि देवधर डांडीपुर व आसपास के गांव में आधे से ज्यादा जमीन खनन की भेंट चढ़ गई है। सभी जमीनें पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी हैं। अब जो थोड़ी बहुत जो जमीन बची है वो छोटे किसानों की जमीनें हैं।
85 एकड़ भूमि पर खनन माफियाओं की नजर
उधर इसी मामले को लेकर गांव देवधर में भारतीय किसान संघ की बैठक भारतीय किसान संघ के पूर्व वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतन सिंह देवधर की अध्यक्षता में हुई। जिसमें रतन सिंह ने कहा कि देवधर डांडीपुर बेगमपुर गांव की 85 एकड़ भूमि पर खनन माफियाओं की नजर है। उन्होंने कहा धरती हमारी मां है।
इसको बचाने के लिए हम किसी भी हद तक जा सकते हैं। रतन सिंह ने कहा कि 12 जून को भारतीय किसान संघ की मीटिंग मुख्यमंत्री के साथ हुई थी। जिसमें इस भूमि का जिक्र किया गया था। उस दौरान मुख्यमंत्री ने मौके पर आईएएस अधिकारी पांडुरंग को जांच के आदेश दिए लेकिन खनन माफिया जमीन खोदने पर उतारू है।
जबकि इस जमीन पर सरकार ने सूक्ष्म सिंचाई योजना के तहत छह करोड़ रुपये की लागत से दो प्लांट लगाए हैं जिनका अभी उद्घाटन भी नहीं हुआ। उसके बाद एसडीम बिलासपुर को फोन किया उन्होंने समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया।
सरकार द्वारा निर्धारित पट्टों पर हो रहा खनन
नोर्दन रॉयल्टी कंपनी के मालिक सतपाल सिंह रोजी ने बताया कि जहां पर खनन कार्य हो रहा है वह सरकार द्वारा निर्धारित पट्टे हैं। जिन किसानों ने अपनी सहमति से जमीन दे रखी है। उन पर ही खनन कार्य कर रहे हैं। जबरदस्ती किसी भी किसान की जमीन पर खनन नहीं हो सकता। जो लोग विरोध कर रहे हैं यह सभी अवैध खनन करने वाले हैं। इन सभी का धंधा बंद हो रहा है इसलिए यह सभी विरोध कर रहे हैं।