फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

....गर्भ में लड़की है मार दो

Wed, 03 Aug 2016 12:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
स्वास्थ्य टीम धर्मपाल को पकड़कर थाने ले गई - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
 स्वास्थ्य विभाग ने ऐसे दो लोगों को दबोचा है, जो कि बिना जांच के ही गर्भ में पल रहे लिंग की जांच का दावा कर रुपये ऐंठ रहे थे। असल में उनको पता ही नहीं होता था कि गर्भ में लड़का है या लड़की। वे तो मोटी रकम ऐंठने के लिए झूठ बोल देते थेे कि गर्भ में लड़की है, मार दो। इनमें एक आरोपी भ्रूण लिंग जांच के मामले मेें एक महीने की जेल काटकर जमानत पर बाहर आया है।
विज्ञापन

 
भ्रूण लिंग जांच करने वालों की धरपकड़ के लिए स्वास्थ्य विभाग ने पीएनडीटी इंचार्ज डॉ रितु चौधरी, डिप्टी सिविल सर्जन डॉ वीपीएस दहिया और सीडीपीओ प्रवीन छाबड़ा की एक टीम बनाई थी। टीम के एक डिकोय पेशेंट ने विकास नगर में रहने वाले धर्मपाल नाम के व्यक्ति से फोन पर सपंर्क कर भ्रूण लिंग जांच कराने की बात कही। सौदा 25 हजार रुपये में तय हो गया। धर्मपाल ने डिकोय को भ्रूण लिंग जांच के लिए लेडी डाक्टर से अल्ट्रासाऊंड की स्लिप बनवा कर शनिवार को जंगला वाले माता जी के मंदिर के पास बुलाया। शनिवार को वह डिकोय को लेकर जगाधरी रोड के एक अस्पताल में ले गया। अल्ट्रासाउंड की पर्ची बनवाई, लेकिन उस दिन बिना अल्ट्रासाउंड कराए वापस आ गया। उसने पहले लिए 25 में से 20 हजार रुपये वापस लौटा दिए। सोमवार को उनको फिर से मंदिर के पास बुलाया और 20 हजार रुपये ले लिए। वह फिर डिकोय व उसकी महिला साथी को जगाधरी रोड अस्पताल में ले गया। वहां डिकोय का अल्ट्रासाउंड करवाया। बाद में मंदिर के नजदीक पहुंचे। डिकोय ने उससे अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट ले ली और कहा कि उसका साथी रिपोर्ट देखकर लिंग बताएगा। फोन पर उसे जानकारी देंगे। इसके साथ ही स्वास्थ्य टीम धर्मपाल को पकड़कर थाने ले गई। उसकी जेब से साइन किए हुए 20 हजार रुपये बरामद हुए। बताया कि पहले लिए पांच हजार रुपये उसने अपने साथी राजू को दिए हैं।

 गर्भ में भले लड़का हो, पर बताते सिर्फ लड़की
भ्रूण लिुंग जांच का मास्टरमाइंड विकास नगर निवासी राजू मिला। पुलिस ने धर्मपाल की निशानदेही पर राजू को गिरफ्तार कर साइन किए हुए पांच हजार रुपये बरामद कर लिए हैं। राजू ने बताया कि वे प्लान के तहत भ्रूण लिंग जांच के लिए आने वाली गर्भवती महिला को किसी लेडी डाक्टर के पास ले जाकर अल्ट्रासाऊंड की स्लिप बना लेते थे। इस स्लिप से किसी अल्ट्रासाऊंड सेंटर से गर्भवती महिला का अल्ट्रासाऊंड करवाते थे। इसके बाद गर्भवती महिला को उसके गर्भ में लड़की होने का झूठ बोल देते थे। ये जिन्हें लड़की बताते थे, वे गर्भ में भ्रूण को खत्म करवा देते थे। ये जानबूझकर गर्भ में लड़की ही बताते थे ताकि भ्रूण लिंग जांच करवाने वाले उसे गर्भ में मार दें। मंगलवार को पुलिस ने धर्मपाल व राजू को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
विज्ञापन


पहले 6 मई को चढ़ा था हत्थे
गत छह मई को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने राजेंद्रा अल्ट्रासाउंड सेंटर की आपरेटर और राजू को एक गर्भवती महिला के भ्रूण की लिंग जांच करते पकड़ा था। राजू ने  डिकोय से 17 हजार रुपये लिए थे। बाद में उसे जेल भेज दिया गया था। अब वह एक महीना पहले ही जमानत पर बाहर आया था। चूंकि उसका मोबाइल नंबर लिंग जांच से जुड़े लोेगों के पास था। इस कारण उसने फिर से अपना धंधा चमकाने का काम शुरू कर दिया।

कन्या भ्रूण हत्या करने वालों पर सख्त कार्रवाई: डीसी
यमुनानगर। डीसी डॉ. एसएस फूलिया ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग व महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों की बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लिंगानुपात के संतुलन को बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाएं। यदि कोई महिला, दलाल या व्यक्ति कन्या भ्रूण हत्या के कार्य में लिप्त पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होगी और किसी को बख्शा नहीं जाएगा। मौके पर सिविल सर्जन डॉ. रमेश कुमार, उप सिविल सर्जन डॉ. दिव्या मंगला, महिला एवं बाल विकास विभाग की जिला कार्यक्रम अधिकारी सरिता कुमारी चौहान, सीडीपीओ प्रवीन छाबड़ा मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें