यमुनानगर/रादौर में जमीन और प्लाटों की खरीद फरोख्त में पार्टनरों द्वारा लगभग 80 लाख रुपये की धोखाधडी किए जाने से आहत होकर गांव अलाहर के पूर्व सरपंच सुरेंद्र कांबोज (52) ने शुक्रवार को अपने खेतों में बने कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। एक सुसाइड नोट में उसने अपने साथ हुए धोखे का जिक्र करते हुए अपनी मौत के लिए अपने नौ पार्टनरों को कसूरवार ठहराया। पुलिस ने इनके खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्जकर शव का पोस्टमार्टम करवाया।
सुरेंद्र कांबोज वर्ष 2001 से 2005 तक गांव अलाहर के सरपंच रहे। शुक्रवार को उनका शव उनके खेतों के ट्यूबवेल के कमरे में फंदे से लटका मिला। जिसके बाद मामले की सूचना जठलाना पलिस को दी गई। जठलाना थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश मटोरिया और डीएसपी अजय राणा ने मौके पर पहुच कर जांच की। फोरेंसिक विभाग की टीम के सदस्यों ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने मृतक के कपड़ों से बरामद हुआ सुसाइड नोट कब्जे में लिया। पूर्व सरपंच द्वारा सुसाइड किए जाने की सूचना मिलते ही गांव अलाहर के सैकड़ों लोग मौके पर पहुंचे। जठलाना पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों के हवाले किया।
80 लाख रुपये की थी प्रॉपर्टी डीलिंग
मृतक के बेटे विकास कांबोज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता पूर्व सरपंच अलाहर सुरेंद्र कांबोज प्रॉपर्टी डिलिंग का काम करते थे। उन्होंने गांव अलाहर निवासी समय सिंह, राजेंद्र उर्फ बिटटू लक्सीबांस, सुशील कुमार बहादुरपुर, लोकेश राणा नाचरौन, सुरेंद्र राणा उन्हेडी, हैप्पी निवासी बीहटा केसरी, जयकर्ण बीहटा केसरी, तजेंद्र उर्फ हैप्पी निवासी ढकौला (अंबाला) महीपाल निवासी बिहटा केसरी जिला अंबाला के साथ मिलकर गांव बीहटा केसरी (अंबाला) और देहरादून में लगभग 80 लाख रुपये की जमीन तथा प्लांट खरीदे थे। उसके पिता के पार्टनरों ने जमीन और प्लांटों की खरीद फरोख्त में उनके साथ धोखा किया है। जिसको लेकर उसके पिता गहरे सदमे में थे।
वर्जन
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। मृतक के पास से मिले सुसाइड नोट के आधार और मृतक के बेटे विकास की शिकायत पर नौ लोगों के विरुद्ध आत्महत्या के लिए उकसाने और षड़यंत्र रचने के आरोप में केस दर्जकर लिया है। आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-राकेश मटोरिया, एसएचओ, थाना जठलाना।