खंड साढौरा में आठ अप्रैल की शाम गांव रामपुर राईयां जंगल के समीप कार में सवार करनाल निवासी दंपति व बेटे हमला किया गया था। इस मामले में तीनों आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा है। पूछताछ में मुख्य आरोपी दर्शन लाल ने बताया तरसेम झाड़ फूंक का काम करता है। झाड़ फूंक के नाम पर उसने उसके बेटे को अपाहिज कर दिया।
जिसका बदला लेने के लिए उसने अपने दो साथियों के साथ मिलकर हमला किया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को सोमवार को बिलासपुर न्यायालय में पेश किया। जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। तीनों आरोपियों में से एक आरोपी गांव सरावां निवासी पवित्र उर्फ जग्गा पर पहले भी हत्या के प्रयास का एक मामला बिलासपुर थाना में दर्ज है।
शनिवार शाम को करनाल निवासी तरसेम लाल अपनी पत्नी कौशल्या व बेटे देवेंद्र के साथ त्रिलोकपुर माता मंदिर में माथा टेकने के लिए आए थे। जिनको गांव रामपुर आराईयों के समीप पंचकूला निवासी दर्शन लाल ने ईलाज करवाने के बहाने जंगलों में ले जाकर अपने दो साथियों की मदद से तरसेम लाल पर गोली चलाकर व उसकी पत्नी व बेटे को गन्ने काटने की गंडासी से वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था जिनका उपचार पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा है।
डीएसपी बिलासपुर रणधीर सिंह ने बताया कि करनाल निवासी तरसेम लाल झाड़ फूंक का काम करता है।
पंचकूला निवासी दर्शन लाल ने कुछ समय पहले तरसेम लाल से अपने पुत्र का ईलाज करवाया था। लेकिन वह ठीक होने की बजाए अपाहिज हालत में बिस्तर पर पड़ गया। दर्शन लाल को शक है कि करनाल निवासी तरसेम ने झाड़ फूंक की जगह काला जादू कर उसके पुत्र को अपाहिज कर दिया। इसलिए दर्शन लाल ने बदला लेने की ठान ली। इस कार्य को अंजाम देने के लिए दर्शन लाल ने अपने साथी सरावां निवासी पवित्र उर्फ जग्गा, गांव सहला के सिमरन को पैसे देकर खुश करने का लालच देकर बदला लेने के लिए अपने साथ मिला लिया। सब मिलकर आठ अप्रैल की शाम को तरसेम की कार को गांव रामपुर अराईयां के समीप स्थित जंगल में इलाज कराने के बहाने ले जा कर उन पर हमला बोल दिया। जिससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। डीएसपी ने बताया कि फोन लोकेशन के आधार पर साढौरा पुलिस की टीम ने तीनों आरोपियों को दबोच कर सफलता हासिल की।