चेक बाउंस मामले में नीचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए एडशिनल सेशन जज डा. नरेश कुमार सिंगला ने दोषी को एक साल का कारावास तथा साढ़े पांच लाख रुपये का जुर्माना देने का आदेश दिया है। मुआवजा न देने पर तीन महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
एडवोकेट वरिंद्र सहगल ने बताया कि शिकायतकर्ता जीत कुमार ने चेक बाउंस मामले में शिकायत दी थी। जिसमें आरोप था कि अमरजीत सिंह से उसके मकान का सौदा पांच लाख रुपये में हुआ था। शिकायतकर्ता ने दोषी की पत्नी को अढ़ाई लाख रुपये देकर 19 नवंबर 2010 को मकान का ब्याना लिखवाया था।
जिसकी रजिस्टरी की तारीख 19 अगस्त 2011 रखी गई थी। कुछ समय बाद दोषी की पत्नी ने 30 हजार रुपये उनसे और ले लिए और रजिस्टरी की तारीख 12 जून 2012 तय की गई। तय तारीख पर शिकायतकर्ता तहसील में पहुंच गया, लेकिन आरोपी नहीं पहुंचे। ऐसे में शिकायतकर्ता को हाजिरी लगवा कर वापस जाना पड़ा। इस बारे में शिकायतकर्ता ने दोषी से बात की, लेकिन उन्होंने रजिस्टरी करवाने से मना कर दिया। इस बारे में पंचायत हुई, जिसमें दोषी ने पांच लाख रुपये का चेक दे दिया। शिकायतकर्ता ने चेक बैंक में लगाया, जोकि बाउंस हो गया। एडवोकेट सहगल ने बताया कि कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उनके पक्ष में निर्णय सुनाया है।