हादसे के बाद कार में सवार लोगों में चीख पुकार मच गई। आसपास के लोग व राहगीर तुरंत कार के पास पहुंचे। किसी तरह से कार की पिछली सीट पर बैठे बच्चों व महिलाओं को बाहर निकला गया। किसी के सिर में चोट लगी थी तो किसी के हाथ व पैर में चोट आई।
अगली सीट पर बैठे सुरेंद्र व कार चला रहे हरिओम कार में बुरी तरह से फंस चुके थे। राहगीरों ने कड़ी मशक्कत के बाद खिड़कियों व कार की बॉडी को तोड़कर उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद राहगीरों ने एंबुलेंस की मदद से उन्हें अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने सुरेंद्र को मृत घोषित किया, जबकि अन्य घायलों को उपचार दिया गया।
पांच साल पहले हुए हादसे के बाद चलने फिरने में असमर्थ थे सुरेंद्र
मृतक के बेटे हरीश ने बताया कि उसके पिता सुरेंद्र वर्ष 2016 में पंजाब में ही हुए सड़क हादसे में घायल हो गए थे। तब वह बाइक पर किसी काम से खन्ना जा रहे थे। हादसे में उनकी टांग टूट गई थी। बाद में ऑपरेशन कर उनकी टांग में रॉड डाली गई थी। इसके बाद उन्हें अधरंग हो गया था। तब से वे चलने फिरने में असमर्थ थे।
सदर जगाधरी थाना प्रभारी सुभाष चंद्र का कहना है कि मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों के हवाले कर दिया गया है। मामले में आरोपी ट्राला चालक पर केस दर्ज कर लिया है। आरोपी चालक की तलाश की जा रही है। जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।