कार्यालय में नहीं आने और काम के लिए लोगों को परेशान करने की शिकायत के बाद छछरौली के नायब तहसीलदार अमित कुमार को निलंबित कर दिया गया है। इससे पहले भेड़थल गांव के किसान ने शिक्षामंत्री कंवरपाल को नायब तहसीलदार के खिलाफ शिकायत दी थी, जिसमें जमीन का इंतकाल करने के एवज में नायब तहसीलदार पर रुपये मांगने का आरोप लगाया था। इसके बाद शिक्षामंत्री की शिकायत पर सरकार ने नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की है।
दरअसल शिक्षामंत्री कंवरपाल की ओर से सप्ताह में दो दिन जगाधरी स्थित आवास पर जनता दरबार लगाया जाता है। इसमें काफी समय से लोगों द्वारा शिकायतें की जा रही थी कि छछरौली के नायब तहसीलदार अपनी सीट पर नहीं बैठते। जब भी लोग अपने काम के लिए जाते हैं तो वे अनुपस्थित मिलते हैं।
इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यही नहीं कुछ लोगों ने नायब तहसीलदार के खिलाफ रुपये लेने की भी शिकायत की थी। इनमें एक मामला भेड़थल गांव के किसान का था। उसने बताया था कि भेड़थल गांव में उसकी ससुराल है, जहां पर वह रहता है।
ससुर ने उसके नाम जमीन की थी, जिसका इंतकाल कराना था, लेकिन तीन माह से नायब तहसीलदार की ओर से परेशान किया जा रहा था। आरोप है कि इसके एवज में नायब तहसीलदार की ओर से रुपये की डिमांड की जा रही थी। तंग आकर किसान ने इसकी शिकायत शिक्षामंत्री से की थी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने नायब तहसीलदार से मोबाइल पर बात की, लेकिन उन्होंने इतने माह तक इंतकाल नहीं किए जाने पर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसके बाद इंतकाल की फाइल को एसडीएम के पास भेज दिया। इस पर सख्त रुख अपनाते हुए शिक्षामंत्री ने मामले से मुख्यमंत्री को अवगत कराया, जिसके बाद नायब तहसीलदार को निलंबित करने का आदेश जारी किया गया है।
लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेंगे : कंवरपाल
शिक्षामंत्री कंवरपाल ने बताया कि नायब तहसीलदार अमित कुमार ने किसान की जमीन का इंतकाल करने के एवज में रुपये मांगे थे। यह मामला संज्ञान में आया तो उन्होंने इस बारे में मुख्यमंत्री मनोहर लाल को अवगत कराया। इसके बाद सरकार ने कार्रवाई करते हुए अमित कुमार को निलंबित कर दिया है। उन्होंने कहा कि जनता के कार्यों में अफसरों की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकार आमजन की शिकायतों को गंभीरता से ले रही है।