सोमवार को वह रुपये लेकर ट्रक को छुड़ाने आया तो ट्रक की टंकी के नीचे थोड़ा सा डीजल पड़ा हुआ देखा। उसने देखा कि टंकी में डीजल बिल्कुल भी नहीं था। जांच में उसे क्लीनर की तरफ खिड़की के पास लगा शीशा भी टूटा हुआ मिला। उसने देखा कि खिड़की पर लोहे की चेन व ताला लगा हुआ था। चोरों ने शीशा तोड़ कर अंदर से खिड़की खोली थी। वह डीटीओ कार्यालय में गया तो उसे बताया गया कि यह ताला उन्होंने ही लगाया है। क्योंकि उसके ट्रक से दो बैटरे चोरी हो गए हैं।
आरिफ खान ने बताया कि डीजल व 130 एम्पीयर के बैटरों की कीमत करीब 60 हजार रुपये है। सरकारी कार्यालय से सामान चोरी होना कई तरह के सवाल खड़े करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारी कार्यालय परिसर में खड़ी गाड़ी से बाहर से आकर कोई सामान चोरी कैसे कर सकता है। जबकि आरटीए कार्यालय में 24 घंटे स्टाफ मौजूद रहता है। इसकी शिकायत उन्होंने थाने में दी है। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।