महिला का अपहरण करने के बाद उससे गैंग रेप, मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के तीन दोषियों को कोर्ट ने 20 साल कैद तथा 75 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है।
यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग की कोर्ट ने सुनाया है। कोर्ट में करीब 9 महीने चली सुनवाई के दौरान दर्जन भर से ज्यादा लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के उपरांत वीरवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायधीश रितु गर्ग ने गांव सुढैल थाना फरकपुर निवासी कमलजीत, गांव अलीशेरपुर का माजरा थाना बिलासपुर निवासी नसीब तथा गांव पांसरा थाना सदर यमुनानगर निवासी अमित को भादंसं की धारा 376 डी के तहत दोषी करार देते हुए 20 साल कैद तथा 20-20 हजार रुपये जुर्माना किया है। जबकि 365 में सात साल कैद तथा पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना, 323 में एक साल कैद तथा 506 में दो साल कैद की सजा सुनाई है।
थाना छप्पर के तहत आने वाले एक गांव निवासी एक पीड़ित महिला ने 18 फरवरी को पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके पास तीन बच्चे हैं। 15 फरवरी को वह अपनी बेटी व बेटे के साथ गांव गधौली में अपनी बहन के घर गई थी। जहां पर वह दो दिन रही। 17 फरवरी की शाम को करीब पांच बजे गांव सुढैल निवासी कमलजीत का उसके मोबाइल पर फोन आया और उसने पूछा कि वह कहां पर है।
जिसके उपरांत उसने उसे बताया कि वह अपनी बहन के घर गधौली में हैं। कुछ देर बाद कमलजीत अपने साथी गांव अलीशेरपुर का माजरा निवासी नसीब तथा गांव पांसरा निवासी अमित के साथ सफेद रंग की कार मेें उसकी बहन के घर आ पहुंच गया।
उस समय घर पर उसकी बहन तथा जीजा नहीं थे। उपरोक्त लोगों ने आते ही उसे कार में बैठने के लिए कहा। जब उसने मना किया, तो उन्होंने गाली गलौच शुरू कर दी और जबरदस्ती उसे तथा उसकी बेटी व बेटे को कार में बिठा लिया। इस दौरान वहां पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।
इसके बाद वे तीनों लोगों को धमकाते हुए गाड़ी लेकर भाग निकले। पीड़िता ने जब पूछा कि वे उन्हें कहां लेकर जा रहे हैं, तो कमलजीत ने उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। पीड़िता द्वारा मिन्नत करने पर उक्त लोगों ने उसकी बेटी को भंभौली बस अड्डे पर उतार दिया। इसके बाद वे उसे तथा बेटे को बिलासपुर की ओर गाढ़वाली ले गए। रास्ते में कमलजीत ने अपने दोस्त को फोन कर एक कमरा उपलब्ध करवाने की मांग की।
जब उसने मना कर दिया, तो वे तीनों लोग उसे एक नदी पर ले गए, जहां झोपड़ी बनी हुई थी। जहां पर तीनों ने उसे तथा बेटे को जान से मारने की धमकी देकर दुराचार किया। रात को करीब साढ़े 8 बजे वह उक्त लोगों के चुंगल से छूट पाई। घर पहुंच कर पूरी घटना के बारे में परिजनों को बताया। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने पीड़िता के घर पहुंच कर उसके ब्यान दर्ज किए। मामले की जांच डीएसपी कुरुक्षेत्र नुपूर बिश्नोई को सौंपी गई। 19 फरवरी को पुलिस ने कमलजीत व नसीब को काबू किया। इसके उपरांत अमित को काबू किया गया। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।