गांव अहिरका में बृहस्पतिवार सुबह प्रैक्टिस करने गए लगभग 12 युवकों पर प्लाट में लगे फ्लैक्स को उखाड़ने का आरोप लगाकर कुछ युवकों ने उनकी धुनाई कर दी।
बाद में पुलिस ने पीड़ित युवकों को हिरासत में लेकर सदर थाने ले आई। जब इस बारे में ग्रामीणों को पता चला तो वह सदर थाने पहुंच गए और जमकर हंगामा किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस दौरान युवकों पर हमलावरों ने दांतों से काट लिया और अभद्र भाषा का प्रयोग किया।
बाद में ग्रामीण डीएसपी कुलवंत बिश्नोई से मिले और पुलिस की कार्रवाई पर रोष जताया और युवकों से मारपीट करने वालों पर कार्रवाई करने की मांग की। बाद में पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत लेकर मामले की जांच शुरू कर दी।
पुलिस के अनुसार गांव अहिरका निवासी युवक सोमबीर, रोहित, दीपक, प्रदीप, नीतिन, संदीप, अनिल, सोमपाल अपने 10-12 साथियों के साथ प्रैक्टिस करने के लिए गए हुए थे। इस दौरान गांव के कुछ युवक पुलिस कर्मचारियों के साथ वहां पर पहुंचे और उनके प्लाट में लगे फ्लैक्स को उखाड़ने की बात कहकर उनकी धुनाई कर दी।
बाद में पुलिस ने इन युवकों को हिरासत में लेकर सदर थाना ले आई। युवकों को हिरासत में लेने की सूचना पाकर ग्रामीण काफी संख्या में इकठ्ठा होकर सदर थाने पहुंच गए और पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए युवकों पर लगाए गए आरोपों को गलत बताया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि इस दौरान सैर करने वाले युवकों से मारपीट की और दांतों से भी उन्हें काट लिया। इसके बाद युवकों के साथ अभद्र भाषा का भी प्रयोग किया। लेकिन इस दौरान पुलिस ने सैर करने के लिए गए युवकों से मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की बजाए उन्हें ही हिरासत में ले लिया।
ग्रामीणों के हंगामे की सूचना पाकर डीएसपी कुलवंत बिश्रोई थाने पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। डीएसपी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि इस मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए घटना स्थल का जायजा लिया जाएगा। डीएसपी कुलवंत बिश्रोई ने बताया कि दोनों ही पक्षों ने शिकायत दी हुई है। इसकी जांच की जा रही है।
फ्लैक्स तोड़कर चोरी करने का लगाया आरोप
सदर थाना प्रभारी धर्मबीर खर्ब ने बताया कि गांव अहिरका निवासी बलजीत ने शिकायत दी थी कि उनके गांव में फार्म हाउस बनाया हुआ और वहां पर उसने अपने दादा का फ्लैक्स लगाया हुआ है।
उसने आरोप लगाया था कि गांव के कुछ युवकों ने फ्लैक्स को तोड़ दिया और उसे चोरी करके अपने साथ ले गए। इसी के चलते जिन युवकों पर आरोप लगाया था उन्हें पुलिस ने पूछताछ के लिए थाने में बुलाया था। जबकि हिरासत में लिए गए युवकों ने उन पर लगाए गए आरोपियों को गलत बताया है।