गैर इरादतन हत्या के दोषी बाप-बेटे को कोर्ट ने सात साल कैद तथा 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर चार महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। यह फैसला फास्ट ट्रैक कोर्ट की न्यायाधीश रितु गर्ग की कोर्ट ने सुनाया है। करीब एक साल चली सुनवाई के दौरान 12 लोगों की गवाही हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद वीरवार को कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया।
बकरी बांधने को लेकर हुआ था झगड़ा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार सदर पुलिस यमुनानगर को 28 जुलाई, 2014 को गांव मोहल्ला खेड़ी, थाना खानपुर जिला सहारनपुर निवासी श्याम देवी ने शिकायत दी थी कि वह अपने परिवार के साथ धौड़ंग गांव के क्षेत्र में स्थित एक भट्टे पर परिवार के साथ मजदूरी करती है।
कुछ दिन पहले एक बकरी भट्टे पर आ गई, जिसके पीछे कुत्ते लगे हुए थे। भट्टे के चौकीदार ने उसके देवर सुभाष को उस बकरी को बांधने के लिए कह दिया। चौकीदार ने कहा कि जिसकी बकरी होगी, वह स्वयं आकर ले जाएगा।
शिकायतकर्ता के मुताबिक 27 जुलाई की शाम को वह चारपाई पर लेटी हुई अपने करीब दो साल के बेटे अमन को दूध पिला रही थी। इस दौरान गांव धौड़ंग निवासी नत्थूराम, उसका बेटा प्रवीण कुमार तथा अन्य दो-तीन लोग वहां आए। जिन्होंने बंधी हुई बकरी को देखकर उन पर बकरी चोरी करने का इल्जाम लगा दिया।
लाठियों से उन पर हमला बोल दिया। जब उसकी ननद ने उसे छुड़वाने का प्रयास किया, तो उन्होंने उसे भी पीटकर घायल कर दिया। इस हमले में श्यामा देवी, उसका बेटा अमन, ननद व अन्य घायल हो गए। जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में 28 जुलाई, 2014 को इलाज के दौरान बच्चे अमन की मौत हो गई।
पुलिस ने श्याम देवी की शिकायत पर नत्थूराम तथा उसके बेटे प्रवीण कुमार के खिलाफ भादंसं की धारा 302 व 34 तहत केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। न्यायाधीश रितु गर्ग ने नाथीराम व उसके बेटे प्रवीनण कुमार को गैर इरादतन हत्या (भादंसं की धारा 304-पार्ट-2) का दोषी करार देते हुए सात-सात कैद तथा 5-5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
जबकि भादंसं की धारा 323 में छह महीने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने चार महीने की अतिरिक्त सजा का प्रावधान है। उपरोक्त सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।