राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित यमुनानगर के प्रगतिशील किसान धर्मवीर कांबोज के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दरअसल, जिस मल्टीपर्पज फूड प्रोसेसिंग मशीन के लिए उन्हें सम्मानित किया गया था, उसकी डुप्लीकेट बनाकर अंबाला की एक फर्म ने हिमाचल प्रदेश में आपूर्ति शुरू कर दी।
जानकारी मिलने पर किसान धर्मवीर कांबोज ने पुलिस में शिकायत दी है, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। इस पर उसने कोर्ट में वाद दायर किया। अदालत के आदेश पर पुलिस ने आरोपी अंबाला की शिव गोरखनाथ एंटरप्राइजेज फर्म के मालिक रोहित ढल पर केस दर्ज किया है।
थाना सदर पुलिस को दी शिकायत में किसान व गांव दामला निवासी धर्मवीर सिंह ने बताया कि उसकी दामला में धर्मवीर फूड्स प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड के नाम से कंपनी है। वह कंपनी का प्रबंध निदेशक है। किसानों के कल्याण के लिए उसकी एक संस्था भी कार्यरत है, जो इनोवेटिव टेक्नोलॉजी के माध्यम से किसानों के कल्याण के क्षेत्र में काम कर रही है।
मल्टीपर्पज फूड प्रोसेसिंग मशीन बनाने के लिए उसे 2013 में नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन इंडिया की ओर से दिल्ली में आयोजित सातवें राष्ट्रीय द्विवार्षिक पुरस्कार समारोह में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी द्वारा सम्मानित किया गया था। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी उसे कई बार सम्मानित किया गया। वह अपने गांव में मशीन के पार्ट्स भी तैयार करता है।
धर्मवीर कांबोज ने बताया कि 21 मार्च 2022 को अंबाला कैंट के निशांत बाग स्थित शिव गोरखनाथ एंटरप्राइजेज फर्म के मालिक रोहित ढल ने मल्टीपर्पज फूड प्रोसेसिंग मशीन खरीदने के लिए उससे संपर्क किया। उसने आरोपी को मल्टीपर्पज फूड प्रोसेसिंग मशीन और उसके पार्ट व अन्य सामान बेच दिए।
आरोप है कि इसके बाद उसने डुप्लीकेट मल्टीपर्पज फूड प्रोसेसिंग मशीन तैयार कर ली। फिर उस पर अपनी फर्म का मार्का लगाकर बाजार में डुप्लीकेट व नकली मशीन बेचना शुरू कर दिया। इस दौरान उसने हिमाचल प्रदेश के जोगिंद्र नगर में सरकारी एजेंसी (आरआईआईएमएस रिसर्च इंस्टिट्यूट इन इंडियन सिस्टम्स ऑफ मेडिसिन) को मशीन सप्लाई की। इसका पता चलने पर उसने जांच की तो पता चला कि आरोपी रोहित डल उसकी मशीन की डुप्लीकेट मशीन बनाकर बेच रहा है।
अधिनियम के तहत नहीं बना सकते डुप्लीकेट मशीन
धर्मवीर कांबोज ने बताया कि उसकी बहुउद्देशीय खाद्य प्रसंस्करण मशीन पेटेंट अधिनियम 1970 के तहत पेटेंट है। इसका पेटेंट नंबर-301515 है, जिसे भारत सरकार द्वारा पेटेंट अधिनियम 1970 के तहत कराया गया है। उसकी मशीन कृषि सहकारिता विभाग द्वारा अनुमोदित है। अधिनियम के तहत उसकी मशीन को तैयार करने और बनाने के लिए उसकी प्रक्रिया का उपयोग करके कोई भी दूसरी मशीन का निर्माण नहीं कर सकता है।
कार्रवाई नहीं हुई तो अदालत में डाली याचिका
धर्मवीर कांबोज ने बताया कि आरोपी रोहित ढल पर कार्रवाई की मांग को लेकर उसने 17 अप्रैल को थाना सदर पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन मामले में कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होने पर उसने 20 अप्रैल को एसपी को शिकायत भेजी, लेकिन आरोपी के खिलाफ फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद उसने अदालत में वाद दायर किया, जहां किसान धर्मवीर कांबोज की याचिका पर सुनवाई कर सदर थाना पुलिस को केस दर्ज करने के आदेश दिए गए। देर शाम सदर थाना पुलिस ने अदालत के आदेश पर आरोपी रोहित ढल के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया।
अदालत के आदेश पर आरोपी रोहित पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है। उस पर किसान धर्मवीर कांबोज की बनाई मल्टीपर्पज मशीन की डुप्लीकेट मशीन बनाने का आरोप है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
-जोगिंद्र सिंह, एसएचओ, थाना सदर यमुनानगर।