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ब्लैक मनी व्हाइट करने में श्रमिकों का सहारा

Sat, 12 Nov 2016 12:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो यमुनानगर।
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 पांच सौ और एक हजार के नोट बंद होने के बाद काले धन को सफेद बनाने का जुगाड़ ढूंढ लिया गया है। इसके लिए फैक्ट्रियों की लेबर का सहारा लिया जा रहा है। अमर उजाला ने इसकी पड़ताल कर ब्लैक मनी को व्हाइट करने में जुटे श्रमिकों को कैमरे में कैद किया।
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सुबह करीब साढे़ 12 बजे माडल टाउन स्थित पंजाब नेशनल बैंक के बाहर किसी फैक्टरी की 10-15 लेबर बैठी नजर आई। इन श्रमिकों को ठेकेदार प्रतीत हो रहा एक व्यक्ति गुपचुप कुछ समझा रहा था। वे सभी किसी का इंतजार कर रहे थे। करीब 10 मिनट बाद उनके पास एक युवक आया, जिसके हाथों में बैंक में नोट एक्सचेंज करने वाले फार्म और आई कार्ड थे। युवक ने एक-एक कर सभी श्रमिकों को फार्म औैर आई कार्ड दे दिए। इसके बाद उसने श्रमिकों को कुछ समझाया। श्रमिकों से बात करने के बाद युवक वहां से चला गया। मामला संदिग्ध प्रतीत होने पर संवाददाता ने श्रमिकों से बात की तो वे घबरा गए। इतने में एक युवक बोला कि वे एक फैक्टरी में काम करते हैं और नोट एक्सचेंज करने आए है। इसी बीच उनके पास एक अन्य युवक आया जिसके हाथ में तीन-चार फार्म और आइडी थी। युवक फार्म और आईडी दूसरे श्रमिकों को देने लगा। उस युवक से पूछा कि वह इतने फार्म और आईडी लेकर बैंक क्यों आया है। युवक ने सफाई दी कि श्रमिक अनपढ़ है इसलिए वह उनके फार्म भरवाकर लाया है। संवाददाता द्वारा पूछताछ किए जाने पर श्रमिक इधर-उधर हो गए। पीएनबी से थोड़ी दूर स्थित एक निजी बैंक में नोट एक्सचेंज करने वालों की लाइन में लेबर टाइप युवक खड़े नजर आए। संवाददाता यहां से जगाधरी स्थित पंजाब नेशनल बैंक की मेन ब्रांच पहुंचा। यहां भी नोट एक्सचेंज की लाइन में बड़ी संख्या में श्रमिक टाइप युवक खड़े थे।

बैंक अधिकारियों ने स्वीकारा- श्रमिक आ रहे नोट एक्सचेंज करवाने
पंजाब नेशनल बैंक माडल टाउन के मैनेजर से श्रमिकों द्वारा नोट बदलने की बाबत बात की गई तो उन्होंने कहा कि वे किसी को भी नोट लेने से नहीं रोक सकते। एक व्यक्ति को एक आईडी पर एक दिन में चार हजार रुपये देने का निर्देश है। कैश कम होने के कारण फिलहाल प्रत्येक व्यक्ति को फिलहाल दो हजार रुपये ही दिए जा रहे हैं। उधर, निजी बैंक के मैनेजर ने भी माना कि उनकी ब्रांच में भी श्रमिक नोट एक्सचेंज करने आ रहे हैं। उधर, जगाधरी स्थित पीएनबी मेन ब्रांच के एक अधिकारी ने बताया कि नोट एक्सचेंज करवाने के लिए सुबह से ही श्रमिक बड़ी संख्या में श्रमिक आ रहे हैं। आठ-नौ श्रमिक एक साथ आटो में बैठकर आते हैं। उनके जान के बाद दूसरे आटो मेें श्रमिक आकर नोट बदलते हैं। बैंक अधिकारियों ने भी माना कि बड़ी संख्या में लेबर को नोट एक्सचेंज में लगाकर काले धन को सफेद किया जा सकता है।
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-मैटल व प्लाईवुड फैक्ट्रियों में हैं लाखों श्रमिक-
आरबीआई की गाइड लाइन के अनुसार बैंक में कोई एक आईडी दिखाकर एक व्यक्ति प्रतिदिन चार हजार रुपये तक नोट बदल सकता है। आइडी के तौर पर वोटर कार्ड, राशन कार्ड, आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस मान्य हैं।  नियमानुसार एक व्यक्ति एक दिन में एक बार ही चार हजार रुपये ले सकता हैं। नोट एक्सचेंज करने वाले व्यक्ति की सारी डिटेल कंप्यूटर में सेव की जा रही है। यदि एक बार नोट एक्सचेंज करने वाला उसी बैंक मेें दोबारा नोट एक्सचेंज करने आता है तो उसकी पहचान हो सकती है। लेकिन यही व्यक्ति अलग-अलग बैंकों में जाकर आसानी से नोट एक्सचेंज करवा सकता है। गौरतलब है कि जिले में प्लाइवुड व मैटल की 500 से अधिक फैक्ट्रियां हैं। इन फैक्ट्रियों में लाखों की संख्या मेें श्रमिक काम करते हैं। इन श्रमिकों की मदद से करोड़ों रुपये की ब्लैक मनी व्हाइट की जा रही है।

कई बैंकों से सूचना मिली है कि उनके यहां नोट एक्सचेंज करवाने के लिए श्रमिक बड़ी तादात में आए हैं। कुछ श्रमिकों से पूछा गया तो उनके बैंक में एकाऊंट नहीं थे। एक बैंक में बार-बार नोट एक्सचेंज करवाने वालों पर ही नजर रखी जा सकती है। यदि कोई अलग-अलग बैंकों से नोट एक्सचेंज करवाता है तो उसका पता नहीं लगाया जा सकता। आरबीआई की ऐसी कोई गाइड लाइन नहीं है कि एक व्यक्ति एक ही बैंक से नोट एक्सचेंज करें।
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विपिन सरीन, लीड बैंक पंजाब नेशनल बैंक मैनेजर
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