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अमर उजाला इंपेक्ट, खनन ठेकेदारों पर बड़ी कार्रवाई

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यमुनानगर। जठलाना और गुमथला क्षेत्र में माइनिंग कांट्रेक्टरों द्वारा खनन के लिए यमुना की धारा को बदलना शुरू कर दिया है। बुधवार को दिनभर चली कार्रवाई के बाद सिंचाई विभाग की तरफ से चार कांट्रेक्ट कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई गई है। एफआईआर दर्ज होते ही कांट्रेक्टरों में हड़कंप मच गया। वीरवार को तमाम कांट्रेक्टर डीसी आमना तस्नीम से मिलने लघुसचिवालय पहुंचे, लेकिन यहां भी बात नहीं बनी। सरकारी छुट्टी होने की वजह से डीसी ने मुलाकात नहीं की और उन्हें सोमवार को मिलने की बात कही। जिस पर माइनिंग कांट्रेक्टर अपने सरपरस्तों की शरण में जा पहुंचे हैं। चार ठेका कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से ये साफ हो गया कि जठलाना और गुमथला में नियमों को ताक पर रख कर खनन कार्य किया जा रहा था। फिलहाल पुलिस ने कैनाल एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
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अमर उजाला की खबर पर प्रशासन की मुहर
अमर उजाला ने अपनी इंवेस्टिगेशन में बताया था कि यहां खनन के काम में माइनिंग माफिया के साथ-साथ माइनिंग कांट्रेक्टर भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। इतना ही नहीं यमुना के बहते पानी में रेत और पाइप डालकर अवैध पुल तक बनाने शुरू कर दिए थे। जिससे पानी की धारा का बहाव बदल रहा था। यमुना प्राकृतिक नदी है और किसी भी सूरत में इसकी धारा से छेड़छाड़ नहीं की जा सकती। यह न केवल सुप्रीम कोर्ट और एनजीटी की गाइडलाइन की उल्लंघना है, बल्कि इससे यमुना के अस्तित्व को भी खतरा पैदा हो सकता है। चार माइनिंग कांट्रेक्ट कंपनियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जिला प्रशासन ने अमर उजाला की खबरों पर अपनी मुहर लगा दी है।
इनके खिलाफ एफआईआर
जठलाना थाना पुलिस ने सिंचाई विभाग के एसडीओ सतेंद्र सिंह की शिकायत पर गुमथला बी-16 जोगेंद्र सिंह माइनिंग एजेंसी, एसडीओ अतेंद्र की शिकायत पर नगली संधाला घाट बी-15 एमपी ट्रेडर्स, एसडीओ जसविंद्र हुड्डा की शिकायत पर एमटी करहेड़ा कंवलजीत सिंह बतरा व पोबारी घाट की डेवलपमेंट स्ट्रेटजी के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अपनी शिकायत में अधिकारियों ने कहा है कि ये खनन एजेंसी नदी के बहाव को बदलने का प्रयास कर रहे थे, जो कि नियमों के खिलाफ है। किसी को भी पानी का बहाव बदलने या अवरूद्ध करने की इजाजत नहीं है।
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पांच साल की सजा का है प्रावधान
अधिवक्ता वरयाम सिंह ने बताया कि आईपीसी की धारा 431 प्राकृतिक व कृत्रिम नदी, सार्वजनिक पुल व सड़क इत्यादि में रुकावट डालने को लेकर लगाई जाती है। जिसमें आरोप सिद्ध होने पर दोषी को 5 साल की सजा व जुर्माने का प्रावधान है। कई परिस्थितियों में सजा व जुर्माना दोनों भी हो सकते है।
वर्जन
खनन के काम में नियमों को तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। जिन ठेका कंपनियों की तरफ से नियमों की उल्लंघना की गई हैं, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा दी गई है। सभी ठेकेदारों को चेतावनी भी दी गई है कि वे ऐसा कोई काम न करें, जिससे यमुना के अस्तित्व को खतरा उत्पन्न हो।-विनोद कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग
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वर्जन
-सिंचाई विभाग के अधिकारियों की शिकायत पर चार खनन एजेंसियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले में आगामी कार्रवाई कर रहे हैं।
-ओमप्रकाश, थाना प्रभारी, जठलाना।
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